Edited By Prachi Sharma,Updated: 04 Oct, 2026 03:16 PM

Disha Salian Case : दिशा सालियन की मौत के मामले में वकील नीलेश ओझा ने शनिवार को कहा कि उनके द्वारा पहले उठाए गए मुद्दों की पुष्टि नए सबूतों से हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की बहाली के संबंध में गृह मंत्रालय को सौंपी...
Disha Salian Case : दिशा सालियन की मौत के मामले में वकील नीलेश ओझा ने शनिवार को कहा कि उनके द्वारा पहले उठाए गए मुद्दों की पुष्टि नए सबूतों से हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की बहाली के संबंध में गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट ने इस मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में सतीश सालियन का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ओझा ने कहा, "इस मामले के बारे में, हमारे उठाए गए सभी मुद्दों की पुष्टि नए सबूतों से हो रही है। मामले को गलत तरीके से दबाने (कवर-अप) और दिशा के शव की हालत के बारे में हमारे आरोपों से लेकर हाई कोर्ट के आदेश, SIT रिपोर्ट और CBI के पास मौजूद रिकॉर्ड तक, हमारे सभी दावे सच साबित हो रहे हैं। ओझा ने ANI को बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट के रूप में एक नया सबूत मिला है।
उन्होंने कहा, "हमें अब एक नया सबूत मिला है: गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि 5 जून, 2020 को सचिन वाज़े को तुरंत सेवा में बहाल किया गया और क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में तैनात किया गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि CIU में वाज़े की नियुक्ति नियमों का उल्लंघन थी।
ओझा ने आगे कहा, "नियमों के अनुसार CIU के लिए पुलिस इंस्पेक्टर (PI) रैंक के अधिकारी की ज़रूरत थी, लेकिन सचिन वाज़े इस मानदंड को पूरा नहीं करते थे; वे निचले रैंक के थे, फिर भी नियमों का उल्लंघन करते हुए उन्हें वहां नियुक्त किया गया। ओझा ने आरोप लगाया कि सबूतों से पता चलता है कि वाज़े को किसी काम को अंजाम देने के लिए तुरंत बहाल किया गया था। ...एक ऐसी साजिश जिसमें दिशा की हत्या और उसके बाद उसे छिपाने की कोशिश शामिल थी, साथ ही जबरन वसूली, ड्रग्स का धंधा और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियां भी शामिल थीं।
उन्होंने कहा, "ये सबूत बताते हैं कि वाजे को एक ऐसी साजिश को अंजाम देने के लिए तुरंत बहाल किया गया था, जिसमें दिशा की हत्या और उसके बाद उसे छिपाने की कोशिश शामिल थी, साथ ही जबरन वसूली, ड्रग्स का धंधा और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियां भी शामिल थीं। ओझा ने कहा कि शनिवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सारी जानकारी सौंप दी गई थी।
उन्होंने आगे कहा कि CBI को सौंपे गए एक पत्र में तीन और अहम मांगें बताई गई हैं और वह एक नई याचिका के साथ हाई कोर्ट जाने का इरादा रखते हैं।
उन्होंने रिपोर्टर से कहा, "हमने आज CBI को ये सारी जानकारी सौंप दी है। आज के पत्र में हमने CBI के सामने तीन और अहम मांगें रखी हैं क्योंकि हम हाई कोर्ट में एक नई याचिका दायर करने का इरादा रखते हैं, जिसमें आरोपी से तुरंत कस्टडी में पूछताछ करने और हाई कोर्ट की निगरानी में जांच आगे बढ़ाने का अनुरोध किया जाएगा।
दिशा सालियन 8 जून, 2020 को मुंबई में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत को शुरू में 'एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट' (ADR) के तौर पर दर्ज किया गया था। उनकी मौत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले हुई थी; सुशांत की मौत के मामले में भी हाई-प्रोफाइल जांच हुई थी और काफी विवाद हुआ था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को एक औपचारिक 'फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट' (FIR) दर्ज करने और नए सिरे से जांच शुरू करने का निर्देश दिया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सतीश सालियन ने अपने वकील नीलेश ओझा के साथ मिलकर एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें उनके मुताबिक मौत से जुड़े सबूत हैं।