Edited By Reetu sharma,Updated: 25 Jan, 2026 04:59 PM

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यश राज फिल्म्स ने एक प्रभावशाली और सोचने पर मजबूर कर देने वाला वीडियो रिलीज़ किया है।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यश राज फिल्म्स ने एक प्रभावशाली और सोचने पर मजबूर कर देने वाला वीडियो रिलीज़ किया है। इस वीडियो में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री रानी मुखर्जी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर व वर्ल्ड कप की ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दीप्ति शर्मा नज़र आ रही हैं।
उपलब्धियों पर जेंडर लेबल लगाने की सोच पर सवाल
इस वीडियो में रानी मुखर्जी और दीप्ति शर्मा के बीच हुई एक सहज लेकिन बेबाक बातचीत के ज़रिए समाज की उस मानसिकता पर सवाल उठाया गया है, जिसमें उपलब्धियों को आज भी जेंडर के चश्मे से देखा जाता है। बातचीत के दौरान यह बात उभरकर सामने आती है कि जब शेफ, पायलट या डॉक्टर जैसे प्रोफेशन में जेंडर नहीं जोड़ा जाता, तो फिर सफलता को ‘महिला’ या ‘पुरुष’ क्यों कहा जाता है?
समानता और योग्यता का सशक्त संदेश
वीडियो का मूल संदेश यही है कि अचीवमेंट्स का कोई जेंडर नहीं होता। रानी और दीप्ति दोनों ही अपनी-अपनी फील्ड में हासिल की गई कामयाबी के ज़रिए यह साबित करती हैं कि काबिलियत को किसी लेबल की ज़रूरत नहीं होती। यह वीडियो समाज में गहराई से जमी रूढ़िवादी सोच को खुलकर चुनौती देता है।
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कैमरे के पीछे भी महिला शक्ति
इस वीडियो की एक खास बात यह भी है कि इसके निर्माण में पूरी तरह महिला टीम ने काम किया है। कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी महिलाओं की भागीदारी इस मैसेज को और ज्यादा मजबूत बनाती है कि समानता सिर्फ कहने की नहीं, करने की चीज़ है।
वीडियो का दमदार फाइनल मैसेज
वीडियो के अंत में रानी मुखर्जी और दीप्ति शर्मा मिलकर एक बेहद सशक्त लाइन कहती हैं, जो पूरे कैंपेन का सार बन जाती है- 'अचीवमेंट्स का कोई जेंडर नहीं होता। इस रिपब्लिक डे, लेबल्स को जाने दें।'
वीडियो को यहां देखा जा सकता है:
गणतंत्र दिवस पर आत्ममंथन का संदेश
यह वीडियो सिर्फ प्रेरणादायक नहीं, बल्कि गणतंत्र दिवस के मौके पर समाज को आत्ममंथन करने का एक मजबूत संदेश देता है- जहां पहचान नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत को महत्व दिया जाए।