जापान ने Dokdo पर फिर दिखाई दादागिरी; भड़क गया दक्षिण कोरिया, बोला- दावा तुरंत वापस लो वर्ना...

Edited By Updated: 04 Aug, 2026 03:37 PM

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जापान की नई Defence White Paper में Dokdo द्वीपों पर फिर क्षेत्रीय दावा किए जाने के बाद दक्षिण कोरिया ने कड़ा विरोध जताया है। Seoul ने जापानी राजनयिक और सैन्य अताशे को तलब कर दावा तुरंत वापस लेने की मांग की। दक्षिण कोरिया वर्तमान में द्वीपों पर...

International Desk: जापान और दक्षिण कोरिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे Dokdo द्वीप विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। जापान की नई वार्षिक रक्षा श्वेत पत्र में Dokdo पर अपने क्षेत्रीय दावे को दोहराए जाने के बाद दक्षिण कोरिया ने जापान के खिलाफ कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जापान से इस दावे को तुरंत वापस लेने की मांग की। Seoul ने कहा कि Dokdo पर दक्षिण कोरिया की संप्रभुता इतिहास, भूगोल और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर स्पष्ट है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने Seoul स्थित जापानी दूतावास के उप प्रमुख काजुओ त्सुचिया को तलब किया और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने कहा कि जापान द्वारा बार-बार Dokdo पर अनुचित क्षेत्रीय दावा किया जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 

उन्होंने कहा कि जापान के दावे का दक्षिण कोरिया की संप्रभुता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दक्षिण कोरिया ने यह भी चेतावनी दी कि Dokdo को लेकर जापान की किसी भी कार्रवाई का वह दृढ़ता से जवाब देगा।मामला केवल विदेश मंत्रालय तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने भी Seoul स्थित जापानी दूतावास के सैन्य अताशे ताकेशी नागायोशी को बुलाया। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने जापान से Dokdo पर किए गए दावे को तुरंत वापस लेने की मांग की। बता दें कि जापान सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद अपनी वार्षिक रक्षा श्वेत पत्र जारी की। इसमें Tokyo ने एक बार फिर Dokdo पर अपना क्षेत्रीय दावा दोहराया। जापान इस द्वीप समूह को Takeshima के नाम से संबोधित करता है, जबकि दक्षिण कोरिया इसे Dokdo कहता है। यह विवाद दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव का कारण रहा है। जापान अपने आधिकारिक दस्तावेजों, बयानों और स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में इस क्षेत्र पर अपना दावा दोहराता रहा है।

 

दरअसल, दक्षिण कोरिया वर्तमान में इन द्वीपों पर प्रभावी नियंत्रण रखता है और वहां पुलिस की एक छोटी टुकड़ी तैनात है। Seoul का कहना है कि Dokdo निर्विवाद रूप से दक्षिण कोरिया का हिस्सा है। वहीं Tokyo लगातार अपनी संप्रभुता का दावा करता रहा है। दिलचस्प बात यह है कि Dokdo विवाद के बावजूद जापान और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। उत्तर कोरिया के बढ़ते सैन्य खतरे और रूस तथा चीन के साथ उसके मजबूत होते संबंधों को देखते हुए Tokyo और Seoul क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।जापान की नई Defence White Paper में भी दक्षिण कोरिया को महत्वपूर्ण पड़ोसी और साझेदार बताया गया है। दोनों देश उत्तर कोरिया से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों के अलावा कई वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

Dokdo विवाद इतना संवेदनशील क्यों ?
Dokdo द्वीप समूह जापान और दक्षिण कोरिया के बीच ऐतिहासिक और राजनीतिक विवाद का बेहद संवेदनशील मुद्दा है। Tokyo और Seoul दोनों इस क्षेत्र पर संप्रभुता का दावा करते हैं।इसलिए जापान के आधिकारिक दस्तावेज में दावा दोहराए जाने पर दक्षिण कोरिया आमतौर पर कड़ा विरोध दर्ज कराता है। ताजा विवाद भी इसी पुराने तनाव की नई कड़ी है। फिलहाल दोनों देशों के बीच विवाद Dokdo के दावे को लेकर है, जबकि उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरे के कारण दोनों ही देश एक-दूसरे के साथ सुरक्षा सहयोग बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

 

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