Edited By Tanuja,Updated: 28 Jul, 2026 07:37 PM

जॉनसन एंड जॉनसन ने टैल्क आधारित बेबी पाउडर से कैंसर होने के आरोपों से जुड़े करीब 76 हजार मुकदमों के निपटारे के लिए 5.5 अरब डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रुपये) के समझौते की घोषणा की है। हालांकि कंपनी ने उत्पादों को सुरक्षित बताते हुए किसी भी प्रकार की...
International Desk: दुनिया की दिग्गज हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) ने अपने टैल्क आधारित बेबी पाउडर और अन्य उत्पादों को लेकर वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद को खत्म करने के लिए 5.5 अरब डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रुपये) के समझौते का ऐलान किया है। हालांकि कंपनी ने एक बार फिर साफ किया है कि उसके उत्पादों से कैंसर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और उसने किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कई वर्षों से अमेरिका में हजारों महिलाओं ने जॉनसन एंड जॉनसन के खिलाफ मुकदमे दायर किए थे। उनका आरोप था कि कंपनी के टैल्क आधारित बेबी पाउडर और अन्य उत्पादों के लंबे समय तक इस्तेमाल से उन्हें ओवेरियन (डिम्बग्रंथि) कैंसर हुआ। कुछ मामलों में यह भी दावा किया गया कि कंपनी के टैल्क उत्पादों में एस्बेस्टस (Asbestos) मौजूद था, जिससे मेसोथेलियोमा जैसे गंभीर कैंसर का खतरा बढ़ा।
76 हजार दावों का होगा निपटारा
कंपनी के अनुसार यह समझौता करीब 76,000 दावों को कवर करेगा। इनमें न्यू जर्सी की फेडरल कोर्ट और अमेरिका के विभिन्न राज्यों में लंबित अधिकांश मुकदमे शामिल हैं। यदि यह समझौता लागू हो जाता है तो कंपनी के खिलाफ बचे हुए लगभग सभी टैल्क संबंधी मुकदमे समाप्त हो जाएंगे। समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ओवेरियन कैंसर से जुड़े कम से कम 95 प्रतिशत दावेदारों की सहमति आवश्यक होगी। यदि यह शर्त पूरी हो जाती है तो कंपनी 2027 में 3 अरब डॉलर और शेष राशि 2028 में चुकाएगी। वकीलों का कहना है कि यदि अधिक दावेदार शामिल होते हैं तो कुल भुगतान 7 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है।
2020 में बंद कर दी थी बिक्री
जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित हैं और उनमें एस्बेस्टस नहीं था। कंपनी के अनुसार यह समझौता केवल लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया को समाप्त करने और अनिश्चितता खत्म करने के लिए किया जा रहा है, न कि किसी दोष को स्वीकार करने के लिए। कंपनी ने 2020 में अमेरिका में टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी और उसकी जगह कॉर्नस्टार्च आधारित बेबी पाउडर बाजार में उतारा। उस समय भी कंपनी ने कहा था कि यह फैसला सुरक्षा कारणों से नहीं बल्कि बाजार की मांग और व्यावसायिक रणनीति के तहत लिया गया था।
बचने की हर रणनीति रही विफल
मुकदमों से बचने के लिए कंपनी ने अपनी एक सहायक कंपनी के जरिए तीन बार दिवालिया संरक्षण (Bankruptcy Protection) लेने की कोशिश की थी। इस कानूनी रणनीति को 'टेक्सास टू-स्टेप' कहा जाता है। हालांकि अमेरिकी अदालतों ने हर बार इन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसके बाद मार्च 2025 से मुकदमों की सुनवाई फिर शुरू हो गई।