ऑनलाइन ऑर्डर पर घर बैठे मिलेगी गन डिलीवरी: नियमों में बदलाव की तैयारी, ट्रंप जूनियर की कंपनी को मिलेगा फायदा

Edited By Updated: 04 Jul, 2026 07:17 PM

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अमेरिका में ATF ने प्रस्ताव रखा है कि योग्य खरीदार ऑनलाइन पहचान और बैकग्राउंड चेक पूरा करने के बाद बंदूक सीधे घर मंगवा सकेंगे। प्रस्ताव पर सार्वजनिक राय मांगी जा रही है। इसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की ऑनलाइन गन कंपनी से संभावित व्यावसायिक लाभ को...

Washington: अमेरिका में बंदूक खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव हो सकता है। अमेरिकी ब्यूरो ऑफ अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स एंड एक्सप्लोसिव्स (ATF) ने एक प्रस्ताव जारी किया है, जिसके तहत योग्य खरीदारों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बंदूक सीधे उनके घर तक पहुंचाई जा सकेगी। अभी अमेरिका में यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन बंदूक खरीदता है, तो उसे हथियार लेने के लिए लाइसेंस प्राप्त गन डीलर की दुकान पर जाना पड़ता है। वहीं उसकी पहचान की जांच (Identity Verification) और बैकग्राउंड चेक पूरा किया जाता है।

 

प्रस्ताव में क्या बदलाव होगा?
यदि नया प्रस्ताव लागू होता है, तो खरीदार ऑनलाइन अपनी पहचान सत्यापित करेगा, बैकग्राउंड चेक पास करेगा और सात दिन की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि पूरी करेगा। स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बाद लाइसेंस प्राप्त विक्रेता बंदूक सीधे खरीदार के पते पर भेज सकेगा। इस प्रस्ताव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का नाम भी चर्चा में आ गया है। वह ऑनलाइन हथियार बेचने वाली कंपनी GrabAGun के बोर्ड सदस्य और शेयरधारक हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घर तक हथियार पहुंचाने की अनुमति मिलती है, तो ऐसी ऑनलाइन कंपनियों को व्यावसायिक लाभ हो सकता है। हालांकि, ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि इस प्रस्ताव को तैयार करने में उनकी कोई भूमिका नहीं रही। वहीं कंपनी के CEO ने भी कहा है कि उन्हें पहले से इस प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी।

 

छोटे गन स्टोर चिंतित  
अमेरिका के कई छोटे हथियार विक्रेताओं का कहना है कि वे ऑनलाइन खरीदी गई बंदूकों की अंतिम डिलीवरी और जांच के बदले शुल्क कमाते हैं। यदि घर तक डिलीवरी शुरू हो गई तो उनकी आय और अन्य सामान की बिक्री पर असर पड़ सकता है। उनका यह भी कहना है कि आमने-सामने की जांच में संदिग्ध व्यवहार पहचानना आसान होता है, जबकि ऑनलाइन प्रक्रिया में यह मुश्किल हो सकता है। ATF का दावा है कि आधुनिक डिजिटल तकनीक की मदद से पहचान और बैकग्राउंड चेक मौजूदा व्यवस्था जितने या उससे भी अधिक सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं।

 

अभी नियम लागू नहीं 
फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है। इस पर अगस्त की शुरुआत तक जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा रही हैं। इसके बाद ATF तय करेगा कि इसे लागू करना है, इसमें संशोधन करना है या इसे वापस लेना है। यदि प्रस्ताव मंजूर भी हो जाता है, तो नए नियम 2026 के अंत या उसके बाद लागू होने की संभावना है।

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