Edited By Pardeep,Updated: 11 Jul, 2026 05:59 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने दावा किया कि यदि तेहरान उनकी हत्या करवाने की साजिश में सफल रहता है, तो अमेरिका इसका ऐसा सैन्य जवाब देगा जिसकी ईरान ने कभी कल्पना...
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने दावा किया कि यदि तेहरान उनकी हत्या करवाने की साजिश में सफल रहता है, तो अमेरिका इसका ऐसा सैन्य जवाब देगा जिसकी ईरान ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तेहरान पर इतने बड़े पैमाने पर बम बरसाए जाएंगे कि वह पूरी तरह से हिल जाएगा।
युद्धविराम खत्म, अब हालात पहले जैसे नहीं
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान कई वर्षों से उन्हें निशाना बनाने की फिराक में है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई नई खुफिया रिपोर्ट नहीं मिली है जो किसी ताज़ा साजिश की पुष्टि करती हो, लेकिन पुराने खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए जानकारी दी कि इस्लामी गणराज्य ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। अमेरिका इस बातचीत के लिए तैयार तो हो गया है, लेकिन ट्रंप ने दोटूक कहा है कि युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है और हालात अब पहले जैसे नहीं रहेंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों से बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा तनाव की मुख्य वजह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हुई हालिया घटनाएं हैं। खबरों के मुताबिक, वहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने पिछले दो दिनों में ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इन हमलों में ईरान के महत्वपूर्ण ढांचों को काफी क्षति पहुंची है, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य-पूर्व में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर सीधा आरोप लगाया है कि उसने वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करके हालिया समझौतों का उल्लंघन किया है। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समुद्री यातायात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के रास्ते में दोबारा बाधा डालने की कोशिश की गई, तो अमेरिका पहले से भी अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई करेगा।