Edited By Tanuja,Updated: 13 Jul, 2026 12:26 PM

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान की दिशा में मिसाइलें दागीं। दोनों देशों के बीच टकराव से वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा...
International Desk: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर पोत पर हुए हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।
ईरान की सैन्य क्षमता को किया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार हमलों में मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, रडार, संचार केंद्र, वायु रक्षा प्रणाली और रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौकाओं समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करना और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को सुरक्षित रखना है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान की दिशा में मिसाइलें दागीं। जॉर्डन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने चार मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। बहरीन और कुवैत में भी मिसाइल चेतावनी सायरन बजाए गए, हालांकि किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है और ईरान का उस पर नियंत्रण नहीं है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि होर्मुज उसके नियंत्रण में है और विदेशी सैन्य हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है, जबकि अमेरिका ने कहा कि समुद्री मार्ग अभी भी खुला है।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के अंतरिम समझौते पर संकट गहरा गया है, लेकिन पाकिस्तान, कतर, मिस्र और ओमान जैसे देश तनाव कम कराने और युद्धविराम बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।