Edited By Tanuja,Updated: 24 Jan, 2026 12:04 PM

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर ने अदालत में पत्नी की हत्या स्वीकार की, लेकिन इसे हत्या नहीं बल्कि गैर-इरादतन हत्या बताया। मामला दिसंबर 2025 की घटना से जुड़ा है। अदालत ने जांच पूरी होने तक सुनवाई अप्रैल तक टाल दी है।
International Desk:ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के 42 वर्षीय व्यक्ति विक्रांत ठाकुर ने अदालत में स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी पत्नी की जान ली, लेकिन उन्होंने हत्या (मर्डर) के आरोप को नकारते हुए गैर-इरादतन हत्या (मैनस्लॉटर) का दोष स्वीकार करने की बात कही है। विक्रांत ठाकुर ने वीडियो लिंक के माध्यम से एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होते हुए कहा, “मैं मैनस्लॉटर का दोष स्वीकार करता हूं, लेकिन हत्या का दोषी नहीं हूं।” यह बयान उनके वकील जेम्स मार्कस के निर्देश पर दिया गया। यह उनकी दूसरी अदालत पेशी थी, जब से उन पर 36 वर्षीय पत्नी सुप्रिया ठाकुर की हत्या का आरोप लगाया गया है।
कानूनी रूप से हत्या और गैर-इरादतन हत्या में मुख्य अंतर मंशा (इरादा) का होता है। हत्या में जानबूझकर किसी की जान लेना शामिल होता है, जबकि मैनस्लॉटर में मौत बिना पूर्व योजना या इरादे के होती है। यह मामला अब अप्रैल में फिर से अदालत में आएगा, जिसके बाद विक्रांत ठाकुर को दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल के लिए पेश किया जाएगा। अभियोजन पक्ष अभी डीएनए रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य सबूतों का इंतजार कर रहा है।
घटना 21 दिसंबर को एडिलेड के नॉर्थफील्ड इलाके में हुई थी। पुलिस को शाम करीब 8:30 बजे घरेलू विवाद की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुप्रिया ठाकुर को बेहोशी की हालत में पाया। CPR देने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर में एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जिसे कोई चोट नहीं आई। जांच के तहत दंपति के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। सुप्रिया ठाकुर के लिए बनाए गए गोफंडमी पेज के अनुसार, वह एक संवेदनशील और मददगार स्वभाव की महिला थीं और पंजीकृत नर्स बनना चाहती थीं। उनकी अचानक मौत ने उनके बेटे को मां से वंचित कर दिया है और उसका भविष्य अनिश्चित हो गया है।