अमेरिकी राजदूत ने की भारत की जमकर तारीफ, कहा- ईरान संकट में India के दम पर टिका वैश्विक तेल बाजार

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 03:41 PM

india responsible for stability in oil market  says us envoy

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने में भारत की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीद भी बाजार संतुलन बनाए रखने का हिस्सा है। वहीं अमेरिका ने ऊर्जा संकट के बीच भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी...

International Desk: भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने वैश्विक तेल बाजार को स्थिर बनाए रखने में भारत की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि India दुनिया के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं और रिफाइनिंग केंद्रों में से एक है और वैश्विक ऊर्जा बाजार को संतुलित रखने में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए गोर ने कहा कि भारत दुनिया में तेल की कीमतों को स्थिर रखने में एक मजबूत साझेदार रहा है।उन्होंने कहा कि United States और भारत के लिए ऊर्जा बाजार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को फायदा हो सके।

 

गोर ने कहा कि भारत द्वारा Russia से तेल खरीद भी वैश्विक बाजार को संतुलित रखने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े उपभोक्ता और रिफाइनिंग केंद्र के साथ सहयोग ऊर्जा बाजार की स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच अमेरिका ने भारत को रूसी तेल स्वीकार करने की अस्थायी अनुमति दी है।अमेरिका का कहना है कि यह कदम ऊर्जा बाजार में आई अस्थायी कमी को पूरा करने के लिए उठाया गया है और इससे रूस को कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होगा।अमेरिका के वित्त मंत्री Scott Bessent ने भी घोषणा की थी कि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है।

 

होर्मुज संकट पर ट्रंप की चेतावनी
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran को चेतावनी दी है कि वह Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगें न बिछाए। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने ऐसा किया तो उसे गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों का असर United Arab Emirates, Saudi Arabia, Qatar, Kuwait, Bahrain और Jordan जैसे देशों में भी देखा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। 
 

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