Edited By Pardeep,Updated: 13 Mar, 2026 12:35 AM

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है।
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। लारीजानी ने कहा कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन इसे कुछ ट्वीट करके खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक ट्रंप अपनी गलती स्वीकार नहीं करते और उसकी कीमत नहीं चुकाते।
ट्रंप के ‘जल्द युद्ध खत्म’ वाले दावे पर प्रतिक्रिया
दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान में इतने बड़े पैमाने पर हमले किए हैं कि वहां अब निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वह चाहें तो युद्ध को जल्दी खत्म कर सकते हैं। ट्रंप ने यह बात अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios को दिए एक संक्षिप्त टेलीफोन इंटरव्यू में कही थी।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा, “ट्रंप कहते हैं कि वे त्वरित जीत चाहते हैं। लेकिन युद्ध शुरू करना आसान है, जबकि इसे कुछ ट्वीट से खत्म नहीं किया जा सकता। हम आपको तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक आप अपनी गलती स्वीकार कर उसकी कीमत नहीं चुका देते।”
28 फरवरी से जारी है संघर्ष
गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई सैन्य ठिकाने तथा ऊर्जा से जुड़े अहम ढांचे तबाह हो चुके हैं।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा डिपो और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका भी जताई जा रही है।
लंबे संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव लंबा चलता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ईरान की ओर से भी कई बार संकेत दिए गए हैं कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचता है तो पूरे क्षेत्र की बिजली और ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, अली लारिजानी का यह बयान इस बात का संकेत है कि ईरान इस संघर्ष को लंबा खींचने के लिए तैयार है और अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।