नेताओं की मुलाकातों के बीच अभिजीत दिपके का बड़ा खुलासा- राजनीति में आएंगे या नहीं?

Edited By Updated: 03 Aug, 2026 11:54 AM

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NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का चेहरा बने अभिजीत दिपके ने साफ किया है कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही कई बड़े नेता और मंत्री उनसे मिलने उनके घर पहुंच रहे हैं, लेकिन वह किसी राजनीतिक पद...

नई दिल्ली:  NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का चेहरा बने अभिजीत दिपके ने साफ किया है कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही कई बड़े नेता और मंत्री उनसे मिलने उनके घर पहुंच रहे हैं, लेकिन वह किसी राजनीतिक पद की दौड़ में शामिल नहीं होना चाहते। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी महत्वाकांक्षा किसी बड़े राजनीतिक पद को हासिल करना नहीं है। उनका सपना महाराष्ट्र में अपने गांव का सरपंच बनकर स्थानीय स्तर पर काम करना है।

'मेरा सपना गांव का सरपंच बनना है'
दिपके ने कहा कि अगर उनकी इच्छा राजनीति में आने की होती, तो वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका नहीं जाते। उन्होंने कहा कि उनका सपना महाराष्ट्र के हिंगोली ज़िले के संटुक पिंपिरी गांव का सरपंच बनना है। दिपके के अनुसार, उन्होंने अक्सर अपने परिवार से कहा है कि वे गांव का नेतृत्व करना चाहते हैं क्योंकि स्थानीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अभी भी बहुत काम करना बाकी है। उन्होंने कहा कि वे स्कूलों की हालत सुधारने, सड़कों और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और गांव के लिए अस्पताल बनवाने में मदद करने की उम्मीद करते हैं।

बातचीत के दौरान, दिपके ने बताया कि बड़े होने के दौरान वे हर गर्मी में दो-तीन महीने अपने गांव में बिताते थे। हालांकि उन्हें अच्छी शिक्षा पाने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके कई रिश्तेदार और गांव के दूसरे बच्चे जर्जर स्कूलों में पढ़ने को मजबूर थे, और कुछ तो टूटे हुए क्लासरूम के फर्श पर बैठते थे। दिपके ने कहा कि इन अनुभवों ने उन्हें अपने गांव की बेहतरी के लिए काम करने और जमीनी स्तर पर विकास के प्रति प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित किया।

आगे की रणनीति  
संगठन की भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए दिपके ने कहा कि CJP के पास वॉलंटियर्स का एक बड़ा नेटवर्क है जो देश भर में अलग-अलग स्तरों पर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन एक राजनीतिक पार्टी के बजाय एक राजनीतिक दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के तौर पर काम करेगा। उनका तर्क है कि ज़्यादा दबाव समूह होने से लोकतंत्र मजबूत होता है क्योंकि इससे लोगों की चिंताओं को ज़्यादा असरदार ढंग से उठाया जा सकता है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि आने वाले सालों में नए आंदोलन और नए नेता सामने आते रहेंगे।

इस बीच, CJP के मुख्य सदस्यों की बैठक 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दिपके के घर पर होनी है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित NEET पेपर लीक को लेकर हुए महीने भर के विरोध-प्रदर्शन के बाद वॉलंटियर्स और छात्रों से मिले फीडबैक की समीक्षा की जाएगी। उम्मीद है कि बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करने से पहले संगठन अपनी भविष्य की रणनीति, रोडमैप और आने वाली गतिविधियों पर चर्चा करेगा।

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