बहुजन समाज और सपा के बीच संबंध मजबूत हो रहे : अखिलेश यादव

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 04:36 PM

akhilesh yadav says relations between bahujan samaj and sp are getting stronger

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बहुजन समाज और सपा के संबंध मजबूत हो रहे हैं और भविष्य में और गहरे होंगे। उन्होंने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत 15,000 से अधिक नेताओं के सपा में शामिल होने पर इसे "पीडीए का प्रेम प्रसार समारोह"...

नेशनल डेस्क : समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि बहुजन समाज और सपा के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं तथा भविष्य में और भी गहरे होंगे। वह पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत विभिन्न दलों के 15,000 से अधिक सदस्यों के सपा में शामिल होने के मौके पर बोल रहे थे। अपने संबोधन में यादव ने इसे ''पीडीए का प्रेम प्रसार समारोह'' बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम लोगों के बीच भाईचारा तथा आपसी सहयोग को मजबूत करेगा। यादव ने 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान पिछड़े, दलितों और अल्पसंख्यकों समुदाय को साधने के लिए 'पीडीए' शब्द गढ़ा था।

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उन्होंने कहा, ''शांति और प्रगति पीडीए की नींव पर टिकी है। सामाजिक एकता सकारात्मक और प्रगतिशील राजनीति की सबसे बड़ी उपलब्धि है और इसीलिए हमने इसे पीडीए नाम दिया है।'' उन्होंने कहा कि इस वर्ष पारंपरिक होली समारोहों से पहले ''पीडीए होली मिलन'' का आयोजन किया जा रहा है। सपा में शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के अलावा अपना दल (सोनेलाल) के पूर्व विधायक राजकुमार पाल भी शामिल हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और मायावती के करीबी रहे सिद्दीकी 2017 में बसपा से निष्कासित होने से पहले मायावती की सरकार में चार बार मंत्री रह चुके थे।

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बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और हाल में उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। यादव ने कहा कि यह गठबंधन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पीडीए की संभावनाएं और मजबूत होंगी। विपक्ष की एकता के पिछले प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया ने एक बार राजनीति को नयी दिशा देने के लिए मिलकर काम करने का प्रयास किया था, लेकिन परिस्थितियों और राजनीतिक माहौल ने उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया। उन्होंने कहा, "गठबंधन बने और बाद में टूट गए, लेकिन हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में हम मिलकर उस संघर्ष को और मजबूत करेंगे।" सपा और बसपा ने 1993 में विधानसभा चुनाव के पहले गठबंधन किया था और उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनी। हालांकि, जून 1995 में यह गठबंधन टूट गया और फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से मायावती नीत बसपा सरकार बनी। इसके बाद, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बसपा और सपा ने उत्तर प्रदेश में फिर गठबंधन किया था, लेकिन चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया।

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परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए यादव ने शंकराचार्य का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि सपा उनके साथ खड़ी है। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान जिला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच हुए विवाद पर विधानसभा में अपने हालिया संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी और कहा कि शंकराचार्य की उपाधि का उपयोग हर कोई नहीं कर सकता। योगी ने इस बात पर बल दिया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान धार्मिक मर्यादा और कानून का पालन किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने किसी का नाम लिए बिना कहा, "पीड़ित लोग पीडीए हैं और हम शंकराचार्य जी के साथ खड़े हैं।" उन्होंने कहा कि परंपराओं पर सवाल उठाने और दूसरों से "प्रमाणपत्र" मांगने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

 

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