Edited By Tanuja,Updated: 27 May, 2026 05:57 PM

इंग्लैंड और वेल्स में जन्मदर 50 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। 2025 में सिर्फ 5.85 लाख बच्चों का जन्म हुआ। वहीं, रिकॉर्ड 40 प्रतिशत जन्म ऐसे परिवारों में हुए, जहां माता-पिता में से कम से कम एक विदेश में जन्मा है। बढ़ती महंगाई, देर से शादी और...
London: ब्रिटेन में जन्मदर लगातार गिरती जा रही है और अब यह पिछले 50 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स में साल 2025 के दौरान सिर्फ 5,85,396 बच्चों का जन्म हुआ। यह संख्या 2024 के मुकाबले भी कम है और 1976 के बाद सबसे कम मानी जा रही है।आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले 100 वर्षों में चौथी सबसे कम जन्मदर है। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, घरों की बढ़ती कीमतें, किराया, बच्चों की पढ़ाई और देखभाल का खर्च लोगों को परिवार बढ़ाने से रोक रहा है। ब्रिटेन में अब लोग पहले की तुलना में काफी देर से माता-पिता बन रहे हैं। 2025 में मां बनने की औसत उम्र 31.1 साल और पिता बनने की औसत उम्र 34 साल रही। जबकि 1975 में यह उम्र क्रमशः 26.4 और 29.5 साल थी।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ब्रिटेन में अब विदेशी मूल के परिवारों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में 40 प्रतिशत बच्चों का जन्म ऐसे परिवारों में हुआ, जहां माता-पिता में से कम से कम एक विदेश में पैदा हुआ था। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। लंदन के कई इलाकों में तो हालात ऐसे हैं कि वहां पैदा होने वाले ज्यादातर बच्चों के माता-पिता विदेशी मूल के हैं। ब्रेंट इलाके में 84 प्रतिशत बच्चों के माता-पिता में से कम से कम एक विदेश में जन्मा था। वहीं स्लो और ल्यूटन जैसे शहरों में भी यह आंकड़ा 78 प्रतिशत के करीब पहुंच गया। विदेशी मूल की माताओं और पिताओं में भारत सबसे ऊपर रहा। लगातार तीसरे साल भारतीय मूल की माताएं और पिता ब्रिटेन में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। इसके बाद पाकिस्तान दूसरे और नाइजीरिया तीसरे स्थान पर रहा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि युवा पीढ़ी अब बच्चे पैदा करने में ज्यादा देरी कर रही है। 20 साल से कम उम्र की माताओं में जन्मदर सबसे ज्यादा घटी है। वहीं 34 साल से अधिक उम्र के लोगों में बच्चों के जन्म के मामले बढ़े हैं।ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री ब्रिजेट फिलिपसन ने पहले कहा था कि आर्थिक दबाव की वजह से लोग परिवार शुरू करने से डर रहे हैं। महंगे मकान, बढ़ते बिजली-बिल, ईंधन और बच्चों की देखभाल का खर्च लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। आंकड़ों में यह भी सामने आया कि क्रिसमस के अगले दिन यानी 26 दिसंबर को सबसे कम बच्चों का जन्म हुआ। वहीं 28 मई 2025 साल का सबसे ज्यादा जन्म वाला दिन रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले वर्षों में ब्रिटेन को कामगारों की कमी, बुजुर्ग आबादी बढ़ने और आर्थिक दबाव जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।