Edited By Tanuja,Updated: 13 May, 2026 01:12 PM

फ्रांस और ब्रिटेन की नौसैनिक गतिविधियों को लेकर पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट (Lucky Bisht) ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश अब खुलकर अमेरिका के साथ खड़े हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
International Desk: फ्रांस और ब्रिटेन की नौसैनिक गतिविधियों को लेकर पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट (Lucky Bisht) ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश अब खुलकर अमेरिका के साथ खड़े हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पूर्व रॉ एजेंट और एनएसजी कमांडो Lucky Bisht ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन अब खुलकर अमेरिका के समर्थन में आ चुके हैं और उनकी नौसेनाएं ईरान के समुद्री क्षेत्र के करीब पहुंच गई हैं।
लकी बिष्ट के अनुसार, फ्रांस की मरीन नेशनेल और ब्रिटेन की रॉयल नेवी ईरान के तट के पास सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस की अत्याधुनिक “सफ्रेन” और “ले ट्रायोम्फां” जैसी पनडुब्बियां भी समुद्र में तैनात हैं। अगर ये सक्रिय होती हैं तो भारी तबाही मचने के आसार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “फाइव आइज़” खुफिया नेटवर्क ने साइप्रस में अपना निगरानी तंत्र मजबूत कर लिया है ताकि ईरान की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। लकी बिष्ट ने दावा किया कि आने वाले कुछ सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होंगे और वैश्विक हालात तेजी से बदल सकते हैं।
इसी बीच ट्रंप ने ईरान के नए परमाणु प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे “कचरे का टुकड़ा” बताते हुए कहा कि युद्धविराम बेहद कमजोर स्थिति में है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का रुख साफ है और ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि हालिया अमेरिकी सैन्य अभियानों में ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप के अनुसार ईरान की नौसेना, वायुसेना और हवाई रक्षा प्रणाली गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी है।हालांकि ईरान लगातार अमेरिकी दबाव और धमकियों का विरोध करता रहा है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। ।