Edited By Tanuja,Updated: 18 May, 2026 05:45 PM

ब्रिटेन में भारतीय मूल के 23 वर्षीय Tushar Kumar ने इतिहास रचते हुए एल्स्ट्री और बोरेहमवुड के सबसे युवा भारतीय मूल के मेयर बनकर नई पहचान बनाई है। लेबर पार्टी के इस युवा नेता ने राजनीति, सामाजिक सेवा और भारतीय संस्कृति के प्रचार के जरिए...
London: ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय बेटे तुषार कुमार (Tushar Kumar) ने नया इतिहास रच दिया है। लेबर पार्टी काउंसिलर तुषार (23) को हर्टफोर्डशायर के एल्स्ट्री और बोरेहमवुड टाउन का मेयर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बन गए हैं। यह नियुक्ति फेयरवे हॉल में आयोजित “मेयर मेकिंग सेरेमनी” के दौरान हुई, जहां स्थानीय नेताओं और समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत किया। तुषार कुमार ने बेहद कम उम्र में राजनीति में कदम रखा था। वह सिर्फ 20 साल की उम्र में पहली बार काउंसिलर चुने गए थे। बाद में उन्होंने डिप्टी मेयर के रूप में भी काम किया।
उन्होंने King's College London से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की है। तुषार ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां परवीन रानी को दिया, जिन्होंने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। मेयर बनने के बाद तुषार कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर भावुक पोस्ट साझा की।उन्होंने लिखा कि 23 साल की उम्र में ब्रिटेन के इतिहास का सबसे युवा भारतीय मूल का मेयर बनना उनके लिए “जीवन का सबसे बड़ा सम्मान” है। उन्होंने कहा कि एक स्थानीय स्वयंसेवक से लेकर मेयर बनने तक का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।
तुषार कुमार सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं हैं। वह ब्रिटिश-इंडियन बच्चों के लिए मुफ्त हिंदी कक्षाएं भी चलाते हैं ताकि भारतीय भाषा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।इसके अलावा वह बोरेहमवुड में भारतीय स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, दिवाली और होली जैसे बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रमुख आयोजकों में शामिल रहते हैं। मेयर बनने के बाद तुषार कुमार ने अपनी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं भी बताईं:
- समुदाय के बीच लगातार मौजूद रहना
- स्थानीय चैरिटी संस्थाओं की मदद करना
- युवाओं को सार्वजनिक सेवा और राजनीति में आने के लिए प्रेरित करना
उन्होंने कहा कि अपने पसंदीदा शहर की सेवा करना उनके लिए “जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य” है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तुषार कुमार की सफलता ब्रिटेन में भारतीय मूल के युवाओं के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। ब्रिटेन की राजनीति, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं में भारतीय समुदाय की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। तुषार कुमार की नियुक्ति को इसी बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का प्रतीक माना जा रहा है।