बंगाल चुनाव के पहले चरण में 110 सीट जीत रही भाजपा, सत्ता में आए तो CAA लागू करेंगे: अमित शाह

Edited By Updated: 25 Apr, 2026 07:50 PM

bjp winning 110 seats in the first phase of the bengal elections

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है, और पार्टी 23 अप्रैल को हुए मतदान में 152 में से 110 सीट पर जीत दर्ज करेगी। शाह ने एक चुनावी रैली को संबोधित...

नेशनल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है, और पार्टी 23 अप्रैल को हुए मतदान में 152 में से 110 सीट पर जीत दर्ज करेगी। शाह ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) को, विशेष रूप से मतुआ समुदाय के लिए, शीघ्रता से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा महिलाओं के लिए ''भय-मुक्त'' बंगाल का निर्माण करेगी।

पूर्वी वर्धमान जिले के जमालपुर और हावड़ा के श्यामपुर में जनसभाओं को संबोधित करते हुए, शाह ने भाजपा के चुनावी अभियान को बंगाल के तीन प्रमुख मुद्दों - मतुआ समुदाय के लिए सीएए सुनिश्चित करने, महिलाओं की सुरक्षा और बांग्लादेश से कथित घुसपैठ के खिलाफ लड़ाई - के इर्द-गिर्द केंद्रित किया। उन्होंने कहा, ''पहले चरण का मतदान हो चुका है। पहले ही चरण में भाजपा 110 सीटें जीतेगी और (ममता) दीदी सत्ता से बेदखल हो जाएंगी। भाजपा यहां सरकार बनाएगी।''

बंगाल की 294-विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ और 92 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दूसरे चरण में 142 सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। शाह ने सीएए के विरोध को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा और उनकी सरकार पर मतुआ समुदाय के सदस्यों को नागरिकता के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने कहा, ''दीदी सीएए कानून को लागू नहीं होने दे रही हैं। आप कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) की सरकार बनाइए, और पांच मई के बाद भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मतुआ समुदाय के हर भाई-बहन को नागरिकता मिले।''

बांग्लादेश से संबंध रखने वाले राजनीतिक रूप से प्रभावशाली शरणार्थी समुदाय का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि मतुआ लोगों को भाजपा सरकार के तहत अब अनिश्चितता में नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''मतुआ समुदाय के लोगों को अब डर में जीने की जरूरत नहीं है।'' भाजपा नेता ने घुसपैठ को बेरोजगारी और संसाधनों की कमी से भी जोड़ा और तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व पर चुनावी लाभ के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। शाह ने कहा, ''बंगाल में घुसपैठिए हमारे युवाओं की नौकरियां और गरीबों का राशन छीन रहे हैं। दीदी और उनके भतीजे (तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी) अपने वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को पाल-पोस रहे हैं। पांच मई के बाद, भाजपा सरकार बंगाल से हर एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी।''

हिंदू वोटों को लामबंद करने के प्रयास में, शाह ने अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से राम मंदिर निर्माण की तुलना तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद निर्माण के प्रयासों से की। उन्होंने कहा, ''एक तरफ 550 वर्षों के बाद मोदी जी ने अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनवाया है। दूसरी तरफ ममता दीदी चाहती हैं कि उनके चेले हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाएं। जब तक भाजपा का एक भी कार्यकर्ता जीवित है, हम बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण कभी नहीं होने देंगे।''

शाह ने कहा कि भाजपा सरकार सातवें वेतन आयोग को लागू करेगी और सभी राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि जून से महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में मिलेंगे, बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी और प्रत्येक गर्भवती महिला को बच्चे की देखभाल के लिए 21,000 रुपये दिए जाएंगे।

शाह ने आरजी कर अस्पताल मामला, संदेशखलि और कोलकाता के एक विधि कॉलेज में कथित अपराधों जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल में सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को ही उठाना पड़ा है। चाहे आरजी कर मामला हो, संदेशखलि या दक्षिण कोलकाता विधि कॉलेज का मामला हो, हर घटना ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ममता दीदी की सरकार की पूर्ण विफलता को उजागर किया है।''

केंद्रीय मंत्री ने बनर्जी के उन कथित बयानों पर आपत्ति जताई जिनमें उन्होंने महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी। शाह ने कहा कि ऐसे बयान सरकार की विफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, ''दीदी कहती हैं कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, लेकिन पांच मई के बाद, जब भाजपा की सरकार बनेगी, तो अगर कोई लड़की रात एक बजे भी बाहर निकलने का फैसला करती है, तो कोई उसे आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करेगा।''

श्यामपुर की रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''ममता दीदी का समय चार मई को समाप्त होगा और पांच मई से हमारी माताओं और बहनों का समय शुरू होगा।'' केंद्रीय मंत्री ने बंगाल में 'सिंडिकेट राज' पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि आम लोगों को बुनियादी निर्माण सामग्री के लिए जबरन वसूली का सामना करना पड़ता है। शाह ने कहा, ''सीमेंट के लिए सिंडिकेट को पैसे देने पड़ते हैं; ईंटों के लिए सिंडिकेट को पैसे देने पड़ते हैं; रेत के लिए सिंडिकेट को पैसे देने पड़ते हैं। भाजपा सरकार इन सिंडिकेट वालों को बंगाल की खाड़ी में फेंक देगी।''

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