CEC के खिलाफ CJP का फिर जंतर-मंतर कूच, आज सुबह 10 बजे प्रदर्शन का ऐलान

Edited By Updated: 11 Oct, 2026 01:41 AM

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कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। कॉजपा ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से...

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। कॉजपा ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की। इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की।

शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा। शिंदे ने कहा, ''सरकार ने सोचा होगा कि आज हिरासत में लिए जाने के बाद हम घर लौट जाएंगे। मोदी और शाह का यह डर दिखाता है कि हमने आधी लड़ाई जीत ली है।''

कॉजपा के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, ''आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें, लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।'' उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की।

शिंदे ने कहा, ''बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।'' कॉजपा ने कहा कि कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम को मतदाता सूची से हटाए जाने और उनमें हेरफेर किए जाने के मामले में जवाबदेही तय होने तक देशभर में सविनय अवज्ञा आंदोलन और सड़क पर प्रदर्शन जारी रहेंगे। कॉजपा के प्रतिनिधियों ने शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान संगठन के नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने से रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में ''अघोषित आपातकाल'' लगा दिया गया है। शिंदे ने भारी सुरक्षा तैनाती और पाबंदियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली को ''छावनी या किले'' में तब्दील कर दिया गया है।

उन्होंने दावा किया कि छात्रों, नागरिक समाज के सदस्यों और राजनीतिक हस्तियों समेत 15,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। शिंदे ने कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका की हिरासत के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

इस बीच, कॉजपा के नए सिरे से प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए रविवार को लगातार दूसरे दिन यातायात संबंधी पाबंदियां लागू रहेंगी। दिल्ली में 30 प्रमुख स्थानों पर यातायात मार्गों में बदलाव किए जाने की संभावना है। दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से शनिवार देर रात जारी परामर्श के अनुसार, मौजूदा स्थिति के आधार पर रविवार सुबह छह बजे से मार्ग परिवर्तन लागू किए जाएंगे। मध्य दिल्ली में जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक और कई अन्य चौराहों के आसपास यातायात प्रभावित हो सकता है। यातायात पुलिस ने रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। 

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