एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा, तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने पर करेंगे फोकस

Edited By Updated: 13 Oct, 2026 06:41 PM

l murugan has resigned as union minister and from his rajya sabha membership

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी।

PoliticalNews:  सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। मुरुगन ने कहा कि वह तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं। अपने इस्तीफे के पत्र में एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया तमिलनाडु यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस यात्रा ने उन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने लिखा कि राज्य में लोगों ने जिस उत्साह और स्नेह के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया, उससे तमिलनाडु के उज्ज्वल भविष्य के प्रति जनता का भरोसा झलकता है।


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मुरुगन ने कहा कि तमिलनाडु के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पण और वहां के लोगों का उनके प्रति प्रेम देखकर उनका संकल्प और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वह राज्य, पार्टी और देश के लिए अधिक योगदान देना चाहते हैं। अपने पत्र में एल. मुरुगन ने अपनी राजनीतिक यात्रा और पारिवारिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि एक बेहद साधारण और गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी और पशुपालन से जुड़े रहे हैं और आज भी तमिलनाडु के कोनूर गांव में सादा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

मुरुगन ने लिखा कि उनके माता-पिता ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा। उन्होंने बताया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दामन थामा था। इसके बाद वह लंबे समय तक ABVP और BJP से जुड़े रहे। मुरुगन के मुताबिक, करीब तीन दशकों की इस राजनीतिक यात्रा में उनका मूल मंत्र रहा है— “राष्ट्र सबसे पहले, पार्टी उसके बाद और मैं सबसे अंत में। उन्होंने अपने इस्तीफे के फैसले को तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने और राज्य के लोगों के लिए अधिक सक्रियता से काम करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।

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