Edited By Ramkesh,Updated: 25 Jun, 2026 01:42 PM

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रद्धालुओं को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में लंबे समय से उपेक्षित माने जाने वाले मुनक नहर कॉरिडोर को अब नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में...
नेशनल डेस्क: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रद्धालुओं को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में लंबे समय से उपेक्षित माने जाने वाले मुनक नहर कॉरिडोर को अब नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने इस क्षेत्र के व्यापक पुनर्विकास की योजना बनाई है, जिसके तहत नहर किनारे आधुनिक नागरिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
दिल्ली सरकार के आधिकारिक संचार के अनुसार, मुनक नहर कॉरिडोर को एक ऐसे सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जहां पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक सुविधाएं और शहरी विकास एक साथ दिखाई दें। सरकार का दावा है कि यह परियोजना इलाके की तस्वीर बदलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी नई सुविधाएं लेकर आएगी।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत मुनक नहर के किनारे स्थायी छठ घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा नहर के आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने, पैदल मार्ग और सार्वजनिक उपयोग के स्थान तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यावरण में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।
सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा कि गए विजन में मुनक नहर को एक ऐसे आधुनिक सार्वजनिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की बात कही गई है, जो राजधानी के शहरी विकास मॉडल का नया उदाहरण बन सके। वर्तमान में कई हिस्सों में उपेक्षा का शिकार रहे इस कॉरिडोर को सौंदर्यीकरण, आधारभूत ढांचे के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के माध्यम से नया स्वरूप दिया जाएगा।
यदि परियोजना निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होती है, तो यह क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए मनोरंजन, सामाजिक गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। साथ ही यह पहल दिल्ली के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।