Edited By Pardeep,Updated: 28 Jul, 2026 09:57 PM

दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
नेशनल डेस्कः दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दुनिया के चार सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—X (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत नोटिस जारी किया है।
भ्रामक वीडियो और फर्जी जानकारी पर नकेल
पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर इन प्लेटफॉर्म्स पर कई फर्जी वीडियो, गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री साझा की गई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इन कंपनियों से ऐसी सभी पोस्ट्स और वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है जो देश का माहौल खराब कर सकते हैं।
अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों की खैर नहीं
नोटिस में केवल सामग्री हटाने तक ही सीमित नहीं रहा गया है, बल्कि दिल्ली पुलिस ने उन सोशल मीडिया हैंडल्स की पूरी जानकारी भी मांगी है जिन्होंने भ्रामक पोस्ट किए या अभद्र भाषा (Hate Speech) का इस्तेमाल किया है। पुलिस का उद्देश्य इन असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जरिए शांति व्यवस्था न बिगड़े।