Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 26 Feb, 2026 05:33 PM

दिल्ली के नगर निगम स्कूलों में बच्चों की आंखों की सेहत को लेकर एक नई पहल शुरू की गई है। Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत अब स्कूलों में टीचर ही बच्चों की आंखों की शुरुआती जांच करेंगे।
नेशनल डेस्क: दिल्ली के नगर निगम स्कूलों में बच्चों की आंखों की सेहत को लेकर एक नई पहल शुरू की गई है। Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत अब स्कूलों में टीचर ही बच्चों की आंखों की शुरुआती जांच करेंगे। इस योजना का मकसद है कि जिन बच्चों को देखने में दिक्कत है या जिनकी नजर कमजोर हो रही है, उनकी पहचान समय रहते हो जाए ताकि उन्हें तुरंत इलाज या चश्मा मिल सके।
20 प्राइमरी स्कूलों में शुरू हुआ ट्रायल
फिलहाल यह प्रोजेक्ट 20 प्राथमिक स्कूलों में लागू किया गया है। इस पहल में All India Institute of Medical Sciences (एम्स) के विशेषज्ञ शिक्षकों को खास ट्रेनिंग दे रहे हैं। ट्रेनिंग के दौरान टीचरों को सिखाया जा रहा है कि कैसे साधारण चार्ट, जैसे ‘ई चार्ट’ या अलग-अलग साइज के अक्षरों वाले कार्डबोर्ड चार्ट की मदद से बच्चों की नजर की जांच की जाए।
ऐसे होगा पूरा प्रोसेस
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगे। जिन बच्चों में विजन से जुड़ी समस्या नजर आएगी, उनके नाम की सूची तैयार कर एम्स के डॉक्टरों को भेजी जाएगी। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टर बच्चों की विस्तृत जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें मुफ्त चश्मा दिया जाएगा या आगे का इलाज कराया जाएगा।
आगे की योजना क्या है?
अगर 20 स्कूलों में चल रहा यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे दिल्ली के बाकी सभी एमसीडी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। लक्ष्य है कि 31 मार्च तक इन स्कूलों में स्क्रीनिंग पूरी कर जरूरतमंद बच्चों को चश्मा उपलब्ध करा दिया जाए।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कमजोर नजर बच्चों की पढ़ाई और आत्मविश्वास दोनों पर असर डाल सकती है। समय पर जांच से उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।