अमेरिका की ईरान को आखिरी चेतावनीः Pentagon दोबारा हमले को पूरी तरह तैयार, ट्रंप के फैसले पर टिकी दुनिया की नजर

Edited By Updated: 30 May, 2026 01:08 PM

pentagon chief says u s ready to restart strikes on iran if no deal

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के साथ परमाणु और युद्धविराम समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक कर ईरान समझौते पर...

Washington: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने सिंगापुर में आयोजित Shangri-La Dialogue के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त हथियार, मिसाइलें और सैन्य संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका तुरंत फिर से हमले शुरू कर सकता है।
 

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सैन्य भंडार दुनिया के किसी भी क्षेत्र में कार्रवाई के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका एक साथ कई मोर्चों पर काम करने की क्षमता रखता है और उसकी रक्षा उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने गोला-बारूद और रक्षा उत्पादन को दोगुना, तिगुना और यहां तक कि चार गुना तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है ताकि दुनिया भर में उसके सैन्य अभियानों को समर्थन मिल सके। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपने घोषणा की है कि वह व्हाइट हाउस के सुरक्षित "सिचुएशन रूम" में अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ बैठक कर ईरान से जुड़े प्रस्ताव पर "अंतिम निर्णय" लेंगे। सूत्रों के अनुसार अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों के बीच एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनी है।

 

प्रस्ताव के तहत वर्तमान युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है, ताकि दोनों पक्ष स्थायी समझौते पर पहुंच सकें और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई वार्ता शुरू हो सके। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को पूरी तरह छोड़ दे और परमाणु हथियार बनाने की किसी भी क्षमता को समाप्त करे। ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान को केवल प्रतिबंध हटाने के बदले परमाणु सामग्री रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका कहना है कि अमेरिका ऐसा कोई समझौता नहीं करेगा जिससे भविष्य में ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सके। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में संघर्ष लगातार जारी है। इस युद्ध में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ा है।

 

 विशेष चिंता का विषय Strait of Hormuz है, जहां तनाव के कारण तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर खतरा मंडरा रहा है। हेगसेथ ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान संघर्ष के बावजूद अमेरिका एशिया-प्रशांत क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक साथ मध्य पूर्व और इंडो-पैसिफिक दोनों क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम है। अब पूरी दुनिया की नजर ट्रंप की उस बैठक पर टिकी है, जिसमें यह तय होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समझौता होगा या फिर क्षेत्र एक बार फिर बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ेगा।

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