Edited By Radhika,Updated: 30 Apr, 2026 03:48 PM

जम्मू-कश्मीर के विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर के लिए सीधी 20-कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सीधी ट्रेन सेवा 2 मई से आम जनता के...
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के विकास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर के लिए सीधी 20-कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सीधी ट्रेन सेवा 2 मई से आम जनता के लिए उपलब्ध होगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
अब सफर होगा आसान
जम्मू और श्रीनगर (जुड़वां राजधानियों) के बीच चलने वाली यह ट्रेन न केवल यात्रा का समय कम करेगी, बल्कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक 'ऑल-वेदर' (हर मौसम में चलने वाला) विकल्प भी बनेगी। अक्सर भूस्खलन और पत्थरों के गिरने के कारण राजमार्ग बंद हो जाता है, जिससे घाटी का संपर्क कट जाता था, लेकिन अब ट्रेन सेवा से यह समस्या दूर होगी।
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70 साल का सपना हुआ पूरा
कश्मीर घाटी को शेष भारत से रेल मार्ग द्वारा जोड़ना पिछले 70 वर्षों से एक अधूरा सपना था। इस चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट पर करीब 43,780 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पीर पंजाल पहाड़ों के बीच रेल लाइन बिछाना दुनिया के सबसे कठिन रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। इस रूट पर 119 किमी लंबी 36 सुरंगें और 943 पुल बनाए गए हैं। घाटी के अंदर ट्रेन सेवा 2008 में शुरू हुई थी, जबकि जम्मू संभाग के उधमपुर तक ट्रेन 2005 में पहुँची थी। जून 2025 में पीएम मोदी ने कटरा से श्रीनगर तक के हिस्से का उद्घाटन किया था, जिसे अब जम्मू तवी तक विस्तार दे दिया गया है।
वंदे भारत की खासियतें और शेड्यूल
20 कोच वाली यह आधुनिक ट्रेन कुल 267 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। मंगलवार को छोड़कर इस सुविधा का लाभ हफ्तें में 6 दिन उठा सकते हैं। यह ट्रेन स्वदेशी 'कवच' सुरक्षा प्रणाली, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली और आरामदायक रोटेटिंग सीटों से लैस है।
अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट
अधिकारियों के अनुसार, यह रेल लिंक न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि घाटी की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा। राजमार्ग बंद होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, छात्रों और व्यापारियों की आवाजाही और कश्मीर के फलों को देश के बाकी हिस्सों तक पहुँचाना अब और भी आसान होगा। जम्मू तवी, कटरा, उधमपुर और बडगाम स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित किया जा रहा है।