Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Apr, 2026 03:54 PM

Buddha Purnima Ke Upay: वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) 2026 पर अपनी किस्मत चमकाने के लिए करें ये उपाय। जानें शुभ मुहूर्त, दान का महत्व और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के अचूक तरीके।
Vaishakh Purnima Ke Upay: हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। 1 मई को मनाई जाने वाली इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, क्योंकि इसी पावन दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ अचूक उपाय करने से रातों-रात बदल जाएंगे आपके ठाठ-बाट:

स्नान: वैशाख पूर्णिमा के दिन प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय, कुआं या बावड़ी में स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
सूर्य मंत्र- ॐ सूर्याय नम: । ॐ घृणि सूर्याय नम: । ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।। ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
सत्यनारायण भगवान की कथा: सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण या वाचन करें। कथा सुबह नहीं कर सकते तो दोपहर, शाम या रात को भी की जा सकती है।
वैशाख पूर्णिमा पर करें इन वस्तुओं का दान: सफेद तिल, सत्तू, जल, चीनी, पंखा और वस्त्रों का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
पीपल वृक्ष की पूजा: देवी-देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद चाहते हैं तो पीपल के पेड़ की पूजा करें और 7 परिक्रमा करें।
चंद्र देव को अर्घ्य: मानसिक परेशानियों से छुटकारा चाहते हैं तो रात के समय चंद्रमा की पूजा कर उन्हें अर्घ्य अर्पित करें।

Ways to Attain the Grace of Goddess Lakshmi मां लक्ष्मी की कृपा पाने के अचूक तरीके- वैशाख पूर्णिमा पर धन की देवी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें उनके प्रिय भोज्य पदार्थ और फूल अर्पण करने चाहिए। जिससे आपके घर में सदा के लिए सुख-समृद्धि और संपन्नता का वास हो सके। बताशा, खीर (केसर भी डाल सकते हैं), सफेद रंग की मिठाई, दूध और दूध से बने पदार्थ और नारियल। कमल और गुलाब का फूल।
धर्मराज के निमित्त जल से भरा कलश और पकवान देने से गोदान के समान फल मिलता है।
5 या 7 जरुरतमंद व्यक्तियों और ब्राह्मणों को शक्कर के साथ तिल देने से पापों का क्षय होता है।
इस दिन तिल के तेल के दीपक जलाएं और तिलों का तर्पण विशेष रूप से करें।