Edited By Rahul Rana,Updated: 02 Aug, 2026 03:24 PM

राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारतीय सेना की खुफिया इकाई और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर नकली आर्मी वर्दी तैयार करने और सप्लाई करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी में करीब 1000 मीटर अनधिकृत सेना-पैटर्न का कपड़ा बरामद किया गया है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारतीय सेना की खुफिया इकाई और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर नकली आर्मी वर्दी तैयार करने और सप्लाई करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी में करीब 1000 मीटर अनधिकृत सेना-पैटर्न का कपड़ा बरामद किया गया है। जांच में सामने आया है कि एक स्थानीय फर्म के जरिए श्रीगंगानगर समेत लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाजारों में इस कपड़े की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।
कैसे मिला सुराग?
खुफिया एजेंसियों को जून में उत्तर प्रदेश के बरेली में पकड़े गए नकली सैन्य वर्दी के मामले की जांच के दौरान श्रीगंगानगर से जुड़े अहम सुराग मिले थे। इन इनपुट के आधार पर स्थानीय स्तर पर कपड़े की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई गई। खुफिया इकाई ने यह जानकारी राजस्थान पुलिस के साथ साझा की। जुलाई के मध्य में पुलिस को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई। इसके बाद जिले के अलग-अलग इलाकों में दुकानों और संबंधित ठिकानों की जानकारी इकट्ठा की गई।
संयुक्त छापेमारी में बरामद
राजस्थान पुलिस ने जिले भर में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नया सेना-पैटर्न वाला कपड़ा जब्त किया गया। बरामद सामग्री की जांच चल रही है और उसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के कपड़े का इस्तेमाल आम लोगों द्वारा खुद को सेना का जवान बताकर ठगी करने या सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करने में किया जा सकता था। हालांकि, इस कपड़े का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि जब्त किया गया कपड़ा कहां से लाया गया और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी।