Edited By Tanuja,Updated: 03 Aug, 2026 01:06 PM

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पिछले 150 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। दावा है कि सुरक्षा कारणों से उन्होंने फोन, लैपटॉप और ऑडियो संदेशों का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र या...
International Desk: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर रहस्य लगातार गहराता जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले 150 दिनों से उन्होंने न तो किसी से फोन पर बात की है, न लैपटॉप का इस्तेमाल किया है और न ही कोई सार्वजनिक वीडियो या ऑडियो संदेश जारी किया है। इस बीच ऐसी अटकलें भी तेज हैं कि उनकी सुरक्षा को लेकर ईरानी प्रशासन बेहद सतर्क है। ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका की CIA कथित तौर पर मोजतबा खामेनेई के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित एजेंसियों ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की है।
ईरान के सरकार समर्थक अखबार अल-मशहरी ने दावा किया है कि सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई की कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी नहीं की जा रही। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों को आशंका है कि आधुनिक तकनीक के जरिए ऑडियो फाइलों से भी किसी व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। इसी वजह से उनके सभी संदेश लिखित रूप में जारी किए जा रहे हैं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई किसी अज्ञात भूमिगत बंकर में रह रहे हैं और दिन के समय बाहर नहीं निकलते, ताकि उपग्रह निगरानी से उनकी पहचान न हो सके। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई की तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं है और इसी कारण उन्होंने अब तक कोई सार्वजनिक संबोधन नहीं दिया। वहीं सोशल मीडिया और खुफिया हलकों में उनकी स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन इनकी पुष्टि किसी आधिकारिक स्रोत ने नहीं की है। द टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यदि मोजतबा खामेनेई इलेक्ट्रॉनिक संचार का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए खुफिया एजेंसियां मानवीय स्रोतों (Human Intelligence) और संदेश पहुंचाने वाले नेटवर्क पर निर्भर हो सकती हैं। रिपोर्ट में ओसामा बिन लादेन को उसके कूरियर नेटवर्क के जरिए ट्रैक किए जाने का भी उदाहरण दिया गया है।