Edited By Ramanjot,Updated: 20 Jul, 2026 11:54 AM

दरअसल, बैच नंबर समान होने के बावजूद पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फॉन्ट, वॉटरमार्क, चेतावनी संदेश में अंतर पाया गया। कई जगह ओवर प्रिंटिंग थी तो कई जगह क्यूआर कोड भी असली दवा के स्ट्रिप जैसा नहीं था।
नेशनल डेस्क: गुरुग्राम में (गुड़गांव) में ब्लड प्रेशर (BP) की नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने (FDA) गुड़गांव और दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 178 स्ट्रिप नकली दवा बरामद की है। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एफडीए अधिकारियों को गुड़गांव में ब्लड प्रेशर की नकली दवाइयां बिकने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद तीन ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई। वहीं जांच के दौरान Telma-AM (Telmisartan 40 mg + Amlodipine 5 mg) की बैच संख्या 05251007A की 178 स्ट्रिप जब्त की गई। जब टीम ने सप्लाई चेन की पड़ताल की तो कई तरह के अहम तथ्य सामने आए।
दरअसल, बैच नंबर समान होने के बावजूद पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फॉन्ट, वॉटरमार्क, चेतावनी संदेश में अंतर पाया गया। कई जगह ओवर प्रिंटिंग थी तो कई जगह क्यूआर कोड भी असली दवा के स्ट्रिप जैसा नहीं था। इस कार्रवाई के एफडीए ने ओखला फेज-2 स्थित श्री बालाजी फार्मापोरियम के पार्टनर सुब्रत द्विवेदी (जो दिल्ली के घिटोरनी का रहने वाला है) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उसकी फर्म को मुरादाबाद के एक कारोबारी से नकली दवा की आपूर्ति हुई थी। इसके बाद टीम ने मुरादाबाद के शेखपुर थाना क्षेत्र के नोशाना गांव से दवा व्यापारी मोहम्मद जुवेर को भी गिरफ्तार किया गया।
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नकली दवाइयों का निर्माण उत्तराखंड के रुड़की में किया जाता था। इसके बाद लखनऊ के रास्ते हरियाणा और दिल्ली समेत विभिन्न क्षेत्रों में दवाइयों की सप्लाई की जाती थी।