Supreme Court में जज के सामने हंगामा: कागज फेंके, सुरक्षाकर्मी से की हाथापाई, दो लॉ छात्र गिरफ्तार

Edited By Updated: 15 Jul, 2026 10:36 AM

two students arrested for unruly behavior and scuffling at the supreme court

देश की शीर्ष अदालत 'उच्चतम न्यायालय' से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां कोर्ट रूम के भीतर हंगामा करने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और सुरक्षाकर्मी से हाथापाई करने के आरोप में कानून (लॉ) की पढ़ाई कर रहे दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया...

नेशनल डेस्क। देश की शीर्ष अदालत 'उच्चतम न्यायालय' से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां कोर्ट रूम के भीतर हंगामा करने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और सुरक्षाकर्मी से हाथापाई करने के आरोप में कानून (लॉ) की पढ़ाई कर रहे दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रबल प्रताप सिंह (24) और चंदर भान (23) के रूप में हुई है। प्रबल प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के इटावा का निवासी है और लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी तृतीय वर्ष का छात्र है। वह इस मामले में स्वयं याचिकाकर्ता के रूप में अदालत में पेश हुआ था। वहीं, चंदर भान उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का निवासी है और एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र है। 

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पुलिस के अनुसार यह घटना 10 जुलाई को उच्चतम न्यायालय के 'कोर्ट नंबर-13' में 'प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आयुक्त के माध्यम से' शीर्षक वाली विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई के दौरान हुई। पुलिस का आरोप है कि सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप सिंह ने अभद्र और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया अदालत कक्ष के भीतर कागजात फेंके और हंगामा कर कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब न्यायालय की गरिमा बनाए रखने और उसे शांत कराने के लिए सुरक्षा कर्मी ने हस्तक्षेप किया तो उसने बल प्रयोग किया और सुरक्षा कर्मी को उसके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोका।

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पुलिस के अनुसार आरोपियों के व्यवहार पर उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद दोनों को चिकित्सकीय जांच के लिए 'इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज' भेजा गया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि दोनों को तत्काल किसी मनोचिकित्सीय उपचार की आवश्यकता नहीं है। 

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुछ पर्चे भी बरामद किए जिनमें आपत्तिजनक शब्द लिखे हुए थे। उच्चतम न्यायालय के एक सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 132, 221, 224 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है। 

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