7561 वोटरों के नाम हटाने का आरोप, कर्नाटक BJP के BLA-1 और अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज

Edited By Updated: 05 Oct, 2026 03:10 PM

fir against karnataka bjp bla 1 officials over deletion of 7561 votes

सोमवार को एक BJP बूथ लेवल एजेंट-1 (BLA-1), बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन के एक पार्षद और तीन अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इन पर आरोप है कि उन्होंने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान बल्लारी सिटी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट से...

बेंगलुरु : सोमवार को एक BJP बूथ लेवल एजेंट-1 (BLA-1), बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन के एक पार्षद और तीन अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इन पर आरोप है कि उन्होंने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान बल्लारी सिटी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट से 7,561 नाम हटाने की कोशिश की थी। यह मामला वार्ड नंबर 23, बूथ नंबर 94 के कांग्रेस बूथ लेवल एजेंट (BLA) गौतम की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन के पार्षद और BJP BLA-1 श्रीनिवास मोटकर, असिस्टेंट कमिश्नर नंदीश, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सुमालथा और केस वर्कर शरणबसवा के खिलाफ की गई है। 

शिकायत के अनुसार SIR प्रक्रिया 29 जून को शुरू हुई थी और 24 अगस्त को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट पब्लिश किया गया था। इसके बाद वोटरों को नाम शामिल करवाने के लिए क्लेम करने और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 21 सितंबर को मोटकर ने बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन इलाके में 7,561 वोटरों के नामों के दोबारा वेरिफिकेशन की मांग वाली एक अर्जी स्वीकार की थी। शिकायत में कहा गया है कि चुनाव अधिकारियों ने पहले इस अर्जी को खारिज कर दिया था और इस बारे में एक एक्नॉलेजमेंट भी जारी किया था। इसके बावजूद मोटकर ने कथित तौर पर 22 सितंबर को नाम हटाने के लिए 'फॉर्म-7' एप्लीकेशन जमा किए। 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित चुनाव अधिकारियों ने आपत्तियों के बावजूद वोटरों के दोबारा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई और कथित तौर पर मोटकर के निर्देशों पर काम किया। शिकायत के मुताबिक SIR गाइडलाइंस के तहत एक BLA ज्यादा से ज्यादा 30 'फॉर्म-7' एप्लीकेशन जमा कर सकता है। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि वोटरों से जुड़े 7,561 एप्लीकेशन चुनाव अधिकारियों ने स्वीकार किए और उन पर कार्रवाई की। शिकायत में एक मुख्य आरोप यह है कि जिन 7,561 वोटरों के लिए आवेदन दिए गए थे, उनमें से लगभग 98.08 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय से थे। शिकायत करने वाले का आरोप है कि ये आवेदन अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के मकसद से जमा किए गए थे। 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आवेदन जमा करने और उन पर कार्रवाई करने में मोटकर और चुनाव अधिकारियों (जिनमें असिस्टेंट कमिश्नर नंदीश, BLO सुमालथा और केस वर्कर शरणबसवा शामिल हैं) के बीच मिलीभगत थी। इसमें आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने वोटर लिस्ट से नाम हटवाने और इस तरह योग्य वोटरों के वोटिंग अधिकारों पर असर डालने की कोशिश में चुनाव अधिकारियों को गलत जानकारी दी। 

शिकायत करने वाले का आरोप है कि इन कामों का मकसद न सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम हटवाना था, बल्कि समुदायों के बीच बंटवारा और नफरत पैदा करना और वोटरों की भावनाओं और उनके वोटिंग अधिकारों को ठेस पहुंचाना भी था। शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच चल रही है। 

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