CJP का दावा- संसद मार्च मामले में FIR वापसी और रिहाई पर बनी सरकार की सहमति

Edited By Updated: 28 Jul, 2026 10:34 AM

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दिल्ली में जंतर- मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर जारी तनातनी के बीच CJP ने बड़ा दावा किया है। संगठन के अनुसार, केंद्र और बिहार सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद उनकी एक और प्रमुख मांग मान ली गई है। सरकार ने...

नेशनल डेस्क: दिल्ली में जंतर- मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर जारी तनातनी के बीच CJP ने बड़ा दावा किया है। संगठन के अनुसार, केंद्र और बिहार सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद उनकी एक और प्रमुख मांग मान ली गई है। सरकार ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और हिरासत में से लोगों को रिहा किया जाएगा।

देर रात बैठक के बाद मिला आश्वासन

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने देर रात एक वीडियो मैसेज जारी किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि 'हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाक़ात की। यह बैठक 2-3 घंटे तक चली। उन्होंने हमें बिहार और असम के उन नोटिफ़िकेशन की कॉपी दीं, जिनमें FIR वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए या गिरफ़्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने की गारंटी दी गई है।'

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"सरकार से मिले ठोस भरोसे के बाद हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक आधिकारिक आदेश जारी हो जाएंगे। यदि वादों को समय पर पूरा नहीं किया गया, तो संगठन आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय करेगा।" 

सुरक्षा का दिया भरोसा

संगठन की एक अन्य प्रवक्ता रत्ना सिंह ने देश भर के प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी शहर में छात्रों या प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की सूचना मिलती है, तो वे सीधे संगठन से संपर्क करें। संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पर आंच न आए।

बिहार सरकार का रुख

इसी बीच बिहार सरकार ने भी कहा है कि आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की समीक्षा की जाएगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की रिहाई तथा एफआईआर वापसी की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

 

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