बुलंदशहर से पकड़ा गया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज, CJP प्रोटेस्ट में निशु आजाद के पिता पर हमले का आरोप

Edited By Updated: 05 Sep, 2026 05:52 AM

influencer swatantra bhardwaj arrested from bulandshahr

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा था कि निशु आज़ाद के पिता पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज के खिलाफ कारर्वाई की जायेगी। इस रिपोर्ट के लिखे जाने...

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा था कि निशु आज़ाद के पिता पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज के खिलाफ कारर्वाई की जायेगी। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक पुलिस ने भारद्वाज की हिरासत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। यह हिरासत‘कॉकरोच जनता पार्टी'(सीजेपी) के सदस्यों को दिल्ली पुलिस के उस आश्वासन के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ कारर्वाई की मांग कर रहे सदस्यों से कहा था कि उसे 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जायेगा। उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंसर का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें तैनात की गई थीं।

इससे पहले, पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि भारद्वाज मोटरसाइकिल से नैथला गांव से निकला था और खुर्जा की ओर गया था। बताया जा रहा है कि इलाके से निकलते समय उसने हेलमेट पहना हुआ था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। उसे खोजने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस टीमें तैनात की गई थीं। पुलिस की यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई है, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया था कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार पर हमला किया था। उनके बयानों के बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गये और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठने लगी।

भारद्वाज ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि लोगों के एक समूह से घिर जाने के बाद उन्होंने आत्मरक्षा में ऐसा किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पीट-पीटकर मार डाले जाने का डर था और कहा कि जब उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, तो कुमार के सिर पर चोट लग गई। उन्होंने कुमार की चोटों की गंभीरता के दावों को भी गलत बताया और कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं। इन्फ्लुएंसर ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पॉडकास्ट क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि राजनीतिक संपर्क की वजह से वह गिरफ्तारी से बच पाये। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके भाइयों की तरह हैं और राजनीतिक प्रभाव के बारे में उनकी पिछली बातें व्यंग्य में कही गई थीं।

यह विवाद पॉडकास्ट में भारद्वाज की कही बातों पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने कुमार पर हमला करने की जिम्मेदारी ली और हमले के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने दावा किया कि कुमार के सिर में चोट आई थी और उन्हें टांके लगाने पड़े थे। इन बातों के बाद सीजेपी समर्थकों ने संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और भारद्वाज के ख़लिाफ़ सख़्त कारर्वाई की मांग की। यहां जारी एक बयान में सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा कि वे समर्थकों के साथ संसद मार्ग थाने तक मार्च करके भारद्वाज के खिलाफ 72 घंटे के भीतर सख़्त कानूनी कारर्वाई की मांग कर रहे हैं। इसमें हत्या की कोशिश के आरोप, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान और पॉस्को अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल हैं।

सीजेपी ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद हुआ, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमले में शामिल होने का दावा किया और निशु आज़ाद को फिर से धमकी दी। संसद मार्ग थाने के बाहर मीडिया से बात करते हुए श्री दास ने दिल्ली पुलिस पर ढांचागत पक्षपात और कारर्वाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने हाल की न्यायिक घटनाओं का ज़क्रि किया और सवाल उठाया कि निशु को मिली धमकियों के बावजूद कारर्वाई क्यों नहीं की गई। दास ने कहा, 'उच्चतम न्यायालय ने अभी-अभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी को रद्द और खारिज कर दिया है।'

उन्होंने कहा कि संगठन ने हिस्ट्री-शीटर और अपराधियों के खिलाफ कारर्वाई के संबंध में पुलिस के रुख को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या निशु को कथित तौर पर धमकाने वाला व्यक्ति ऐसे अपराधियों में शामिल था। रांका ने इस कथित निष्क्रियता को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया और आरोप लगाया कि भारद्वाज के कथित कबूलनामे के बावजूद दिल्ली पुलिस कारर्वाई करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि सीजेपी हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करेगी। सीजेपी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर धरने के दौरान संजय कुमार पर धातु की वस्तु से हमला किया गया, जब उन्होंने कुछ लोगों द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री की फिल्म बनाने पर आपत्ति जताई थी। संगठन ने दावा किया कि उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ। 

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