Edited By Radhika,Updated: 01 Aug, 2026 03:54 PM

इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति सामने आने के बाद लोगों के मन में अक्सर ऐसा सवाल आता है कि अगर पेट्रोल में इथेनॉल न मिलाया जाए तो इसकी कीमत में क्या कुछ अंतर होगा। लोगों की इस कंफ्यूजन को लेकर सरकार ने संसद में दूर किया है। इस पूरे कैलकुलेशन को समझाते हुए...
नेशनल डेस्क: इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति सामने आने के बाद लोगों के मन में अक्सर ऐसा सवाल आता है कि अगर पेट्रोल में इथेनॉल न मिलाया जाए तो इसकी कीमत में क्या कुछ अंतर होगा। लोगों की इस कंफ्यूजन को लेकर सरकार ने संसद में दूर किया है। इस पूरे कैलकुलेशन को समझाते हुए सरकार ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग ने ग्लोबल क्राइसिस के समय पर आम आदमी के जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने को कम किया है। यानि की इस दौरान इथेनॉल ब्लेंडिंग के से इस दौरान पेट्रोल की कीमतों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि Middle East Crisis के दौरान जिस समय तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, उस दौरान भारत में पेट्रोल 125 रुपए लीटर जा सकता था। ऐसी मुश्किल के समय में सरकार की इस इथेनॉल ब्लेडिंग नीति, कच्चे तेल की उपलब्धता और तेल कंपनियों की खरीद योजना के चलते भारत में उपभोक्ताओं को तकरीबन 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध कराया गया था। इसी के साथ सरकार ने यह भी दावा किया है कि इससे किसी भी पुरानी या फिर नई गाड़ी को कोई भी नुक्सान नहीं होगा। E20 लागू होने से पहले ARAI, SIAM, Indian Oil और वाहन निर्माताओं के साथ मिलकर गहरी जांच की गई है।
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किसी भी वाहन को लेकर नहीं आई कोई शिकायत
सरकार के अनुसार, बीते कुछ समय से देश में इथेनॉल ब्लेंडिड पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में किसी भी वाहन के खराब होने की कोई शिकायत सामने नहीं आई है।