Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Jul, 2026 09:11 AM

अगर आप भी अपने बिजनेस या कंपनी का हिसाब-किताब WhatsApp के जरिए करते हैं तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है। केरल पुलिस ने देश भर के व्यापारिक संस्थानों और कंपनियों को व्हाट्सएप पर चल रहे एक बेहद शातिर Cyber Fraud के खिलाफ चेतावनी जारी की है। हैकर्स...
WhatsApp Cyber Fraud Alert : अगर आप भी अपने बिजनेस या कंपनी का हिसाब-किताब WhatsApp के जरिए करते हैं तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है। केरल पुलिस ने देश भर के व्यापारिक संस्थानों और कंपनियों को व्हाट्सएप पर चल रहे एक बेहद शातिर Cyber Fraud के खिलाफ चेतावनी जारी की है। हैकर्स अब सीधे कंपनियों के फाइनेंस और अकाउंट्स डिपार्टमेंट को अपना निशाना बना रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक धोखेबाज़ उन ग्राहकों या आपूर्तिकर्ताओ के व्हाट्सएप अकाउंट हैक करते हैं जो किसी बिज़नेस के साथ नियमित रूप से पैसों का लेन-देन करते हैं। फिर वे इन अकाउंट्स का इस्तेमाल करके 'अकाउंट स्टेटमेंट' डॉक्यूमेंट्स के रूप में खतरनाक फाइलें भेजते हैं। इन फाइलों में अक्सर वीबीएस जैसे खतरनाक एक्सटेंशन होते हैं।
खोलने पर ये फाइलें मैलवेयर इंस्टॉल कर देती हैं जिससे हैकर्स पीड़ति के कंप्यूटर का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं। इसके बाद हमलावर सिस्टम में सेव पासवर्ड और फाइनेंशियल जानकारी चुरा लेते हैं और फिर कंपनी के सीनियर अधिकारियों के व्हाट्सएप अकाउंट्स पर कब्ज़ा कर लेते हैं। इन हैक किए गए अकाउंट्स का इस्तेमाल करके वे नकली बातचीत करते हैं और कर्मचारियों को तुरंत फंड ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं। वे सीनियर अधिकारियों के मैसेज पर होने वाले भरोसे का फायदा उठाते हैं।
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केरल पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारी बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे अनुरोधों पर कारर्वाई करते हैं तो व्यवसायों को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है। यह मैलवेयर संक्रमित कंप्यूटर से अन्य व्यावसायिक संपर्क और समूहों को हानिकारक फाइलें भेजकर अपने आप भी फैल सकता है। व्यवसायों को सलाह दी गई है कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त किसी भी खाता विवरण या फाइल को खोलने से पहले सीधे भेजने वाले से संपर्क करके उनकी पुष्टि कर लें।

पुलिस ने संगठनों से यह भी आग्रह किया है कि वे अनजान एक्सटेंशन वाली फाइलों या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड या निष्पादित न करें और स्वतंत्र पुष्टि के बिना केवल व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर कभी भी फंड ट्रांसफर को अधिकृत न करें। यदि मैलवेयर संक्रमण का संदेह हो तो उपयोगकर्ताओं को तुरंत प्रभावित डिवाइस को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए (वाई- फाई बंद करके या लेन केबल हटाकर) और सहायता के लिए निकटतम साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करना चाहिए। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों से आग्रह किया गया है कि वे राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोटर्ल के माध्यम से घटना की तुरंत रिपोर्ट करें।