Edited By Parveen Kumar,Updated: 08 Aug, 2026 06:09 PM

उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के अमवा गांव में शुक्रवार देर शाम छुट्टा सांड के हमले में मां और उसके इकलौते बेटे की मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब परिवार में कोई सहारा नहीं बचा है।
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र के अमवा गांव में शुक्रवार देर शाम छुट्टा सांड के हमले में मां और उसके इकलौते बेटे की मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब परिवार में कोई सहारा नहीं बचा है। पुलिस के अनुसार, पर्वतपुर निवासी प्रांशु सिंह अपनी मां विनीता सिंह के साथ शुक्रवार शाम बाइक से किराने की दुकान पर सामान लेने गया था। दुकान के पास पहुंचते ही पशुओं के झुंड के बीच मौजूद एक सांड अचानक उनकी ओर दौड़ पड़ा और दोनों पर हमला कर दिया।
सांड के हमले में मां-बेटे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), गोपीगंज पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने दोनों को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। दोनों को सरकारी एंबुलेंस से वाराणसी ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रांशु के पिता जनार्दन सिंह उफर् मुन्ना सिंह की करीब दस वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद विनीता सिंह ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। प्रांशु उनका इकलौता बेटा था और परिवार का मुख्य सहारा था। मां और बेटे की एक साथ मौत के बाद परिवार में अब कोई सहारा नहीं बचा है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती छुट्टा पशुओं की समस्या पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सांड और अन्य छुट्टा पशुओं के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।