Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Aug, 2026 01:35 PM

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून ब्रांड सनफ्लावर ऑयल पर एक्शन लिया है। FSSAI ने AWL Agri Business Ltd के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। आरोप है कि कंपनी ने तय मानकों से कम गुणवत्ता वाला
नई दिल्लीः भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून ब्रांड सनफ्लावर ऑयल पर एक्शन लिया है। FSSAI ने AWL Agri Business Ltd के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। आरोप है कि कंपनी ने तय मानकों से कम गुणवत्ता वाला फोर्टिफाइड सनफ्लावर ऑयल बाजार में बेचा है, जो कि फॉर्च्यून ब्रांड सनफ्लावर ऑयल है। हालांकि, FSSAI ने जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया है।
फॉर्च्यून सनफ्लावर ऑयल पर FSSAI का एक्शन
FSSAI के अनुसार, मामला कंपनी की मैंगलुरु यूनिट में तैयार किए गए फॉर्च्यून Fryola रिफाइंड सनफ्लावर सीड ऑयल से जुड़ा है। इस तेल का एक लीटर का सैंपल गोवा के ताज फोर्ट अगुआड़ा रिजॉर्ट एंड स्पा से लिया गया था। शुरुआती लैब जांच में पाया गया कि उत्पाद में विटामिन A और विटामिन D की मात्रा निर्धारित मानकों से कम थी। कंपनी ने पुनः जांच की मांग पर रेफरल लैब में दोबारा परीक्षण किया गया, जिसमें भी विटामिन D की कमी की पुष्टि हुई।
FSSAI ने बताया कि यह उत्पाद फूड फोर्टिफिकेशन रेगुलेशन, 2018 के मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण की मंजूरी मिलने पर गोवा के सक्षम अधिकारी ने कंपनी पर जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
खाद्य कंपनियों पर बढ़ी निगरानी
हाल के महीनों में FSSAI ने खाद्य सुरक्षा गुणवत्ता और भ्रामक दावों को लेकर अपनी निगरानी तेज की है। नियामक ने कई प्रमुख खाद्य एवं पेय कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इसी क्रम में, हाल ही में FSSAI ने डाबर इंडिया को अपने कुछ उत्पादों से "100% Natural", "100% Pure" और "100% Organic" जैसे दावे हटाने के निर्देश दिए थे। नियामक का कहना था कि इन दावों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और ये उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
इसके अलावा, कुछ जूस निर्माताओं को भी "100% Fruit Juice" जैसे लेबल हटाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि उनके उत्पादों में पानी और फ्रूट कॉन्सन्ट्रेट का उपयोग किया जाता है।