Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Jul, 2026 08:13 AM

अगर आप भी ऑनलाइन सोशल मीडिया या फ्रेंडशिप क्लब के जरिए नए दोस्त बनाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। नोएडा की थाना सेक्टर-24 पुलिस ने Online Friendship Club के नाम पर मासूम लोगों को हुस्न के जाल में फंसाकर लूटने वाले एक बेहद शातिर और...
Noida Online Friendship Club Scam : अगर आप भी ऑनलाइन सोशल मीडिया या फ्रेंडशिप क्लब के जरिए नए दोस्त बनाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। नोएडा की थाना सेक्टर-24 पुलिस ने Online Friendship Club के नाम पर मासूम लोगों को हुस्न के जाल में फंसाकर लूटने वाले एक बेहद शातिर और खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
बता दें कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के 5 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है जिनमें 3 युवतियां भी शामिल हैं। इसके साथ ही गिरोह में शामिल एक नाबालिग को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली दो गाड़ियां और एक चाकू बरामद किया है।
इस मौके पर एडिशनल डीसीपी (नोएडा) मनीषा सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को इस गैंग के बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर शनिवार को सेक्टर-54 स्थित खेलगांव पार्क के पास पुलिस टीम ने तगड़ी घेराबंदी की और आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ओमवीर यादव निवासी फिरोजाबाद, मंजेश यादव मैनपुरी, निधि यादव औरैया, प्रियंका यादव फिरोजाबाद, काजल उर्फ रिया यादव निवासी मैनपुरी के रूप में हुई है।
बेहद खौफनाक था लूट का 'मॉडस ऑपेरंडी'
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है। जानिए कैसे यह गैंग लोगों को अपना शिकार बनाता था?
स्टेप 1 : गैंग ने इंटरनेट पर एक फर्जी 'ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब' बना रखा था। इसके जरिए वे लोगों के मोबाइल नंबर हासिल करते थे।
स्टेप 2 : गैंग की लड़कियां टारगेट किए गए व्यक्ति को फोन करती थीं। मीठी-मीठी बातें कर पहले उसका भरोसा जीता जाता था और फिर मिलने के लिए राजी किया जाता था।
स्टेप 3 : विश्वास जीतने के बाद ग्राहक को दिल्ली, नोएडा या दिल्ली-एनसीआर के किसी बेहद सुनसान इलाके में मिलने के लिए बुलाया जाता था।
ऐसे होती थी लूट
वारदात के वक्त यह गिरोह दो कारों (स्विफ्ट और ऑरा) में सवार होकर मौके पर पहुंचता था। पहली कार (स्विफ्ट) में एक महिला और दो-तीन पुरुष साथी होते थे, जबकि दूसरी कार (ऑरा) थोड़ी दूरी पर बैकअप के लिए खड़ी होकर निगरानी करती थी। वहीं लड़की ग्राहक को अपनी कार में बैठाकर बातचीत के बहाने और सुनसान जगह पर ले जाती थी।
जैसे ही गाड़ी रुकती, दूसरी कार में सवार गिरोह के बाकी सदस्य (जीतू यादव, ऋषु यादव व अन्य) वहां आ धमकते थे। इसके बाद वे पीड़ित के साथ मारपीट करते, चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते और उसकी गाड़ी, मोबाइल, नकदी समेत सारा कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों कारें अलग-अलग रास्तों से भागती थीं। वहीं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस गिरोह ने हाल ही में एक फॉर्च्यूनर कार लूटी थी जिसे बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।