बजट और ग्लोबल ट्रेड डील के बाद PM मोदी का बड़ा इंटरव्यू, निवेश और सुधारों पर रखी स्पष्ट राय

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 09:08 PM

pm modi s big interview after the budget and global trade deal

केंद्रीय बजट पेश होने और अमेरिका व यूरोपीय संघ के साथ अहम व्यापार समझौतों के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने न्यूज एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) को विस्तृत साक्षात्कार दिया। इन प्रमुख घटनाक्रमों के बाद यह उनका पहला औपचारिक मीडिया इंटरव्यू...

नेशनल डेस्क : केंद्रीय बजट पेश होने और अमेरिका व यूरोपीय संघ के साथ अहम व्यापार समझौतों के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने न्यूज एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) को विस्तृत साक्षात्कार दिया। इन प्रमुख घटनाक्रमों के बाद यह उनका पहला औपचारिक मीडिया इंटरव्यू माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था, सुधारों और वैश्विक साझेदारियों पर सरकार का दृष्टिकोण रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में राजनीतिक स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। उनके अनुसार, मजबूत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की क्षमता ने भारत को कई देशों के साथ संतुलित और हितकारी व्यापार समझौते करने की स्थिति में पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि मुक्त व्यापार समझौते खास तौर पर टेक्सटाइल, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प और आभूषण जैसे क्षेत्रों के लिए नए बाजार खोलने पर केंद्रित हैं।

रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने बजट में बढ़ोतरी को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में निरंतर निवेश किया जा रहा है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत आधार देना सरकार का दायित्व है।

आर्थिक सुधारों के मुद्दे पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले व्यापार वार्ताएं अक्सर अधूरी रह जाती थीं। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार ने सुधारों को नीति का मूल आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि सुधार प्रक्रिया निरंतर चलने वाली यात्रा है और सरकार दीर्घकालिक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने अगले चरण की आर्थिक प्रगति में निजी क्षेत्र की अहम भूमिका रेखांकित की। उन्होंने उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास, सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता सुधार में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। उनके मुताबिक, डेटा सेंटर और डिजिटल अवसंरचना आने वाले वर्षों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेंगे। साथ ही उन्होंने डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारत वैश्विक स्तर पर डिजिटल नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि कंप्यूटिंग क्षमता और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के जरिए देश एक मजबूत एआई इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। आने वाले दशक के लिए उन्होंने तीन प्रमुख प्राथमिकताएं गिनाईं- संरचनात्मक सुधार, गहन नवाचार और सरल प्रशासनिक ढांचा।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय को 12.2 लाख करोड़ रुपये पर निर्धारित किया गया है, जो पिछले दशक की तुलना में कई गुना अधिक है। उनका कहना था कि सरकार अल्पकालिक लोकलुभावन कदमों के बजाय टिकाऊ और उत्पादक निवेश को प्राथमिकता दे रही है।

महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण में महिला सशक्तिकरण केंद्र में रखा गया है। उनका विश्वास है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक साबित होगी और देश की प्रगति में वे अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

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