Edited By Radhika,Updated: 13 Feb, 2026 04:23 PM

संसद भवन में आज उस समय गहमागहमी बढ़ गई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने देशभर के किसान यूनियनों के दिग्गजों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा भारत-अमेरिका के बीच हालिया Trade Deal रहा, जिसे लेकर किसानों और...
नेशनल डेस्क : संसद भवन में आज उस समय गहमागहमी बढ़ गई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने देशभर के किसान यूनियनों के दिग्गजों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा भारत-अमेरिका के बीच हालिया Trade Deal रहा, जिसे लेकर किसानों और विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।
विदेशी आयात से बढ़ी चिंता
बैठक के दौरान किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह व्यापार समझौता भारतीय किसानों के लिए 'डेथ वारंट' साबित हो सकता है। उन्हें डर है कि इस समझौते से अमेरिका से मक्का (Corn), सोयाबीन, कपास, फल और मेवों का भारी आयात शुरू हो जाएगा। इससे भारतीय बाजार में कीमतें गिरेंगी और घरेलू उत्पादकों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी।

राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला
राहुल गांधी ने किसानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चेतावनी दी कि यह तो बस शुरुआत है; जल्द ही अन्य फसलों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'कॉर्पोरेट मित्रों' के फायदे के लिए भारत के कृषि बाजार को विदेशी कंपनियों के हवाले कर दिया है।
बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की सुगबुगाहट
बैठक में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि इस समझौते के विरोध में एक बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि वे किसानों और खेतिहर मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए चुप नहीं बैठेंगे।

FIR या विशेषाधिकार हनन, मैं नहीं डरूंगा
राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश के जरिए सरकार को चुनौती देते हुए कहा, "मैंने संसद में सच बोला है। अगर आपको सच पसंद नहीं आता, तो यह आपकी समस्या है। मेरे खिलाफ FIR दर्ज करें, केस करें या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं और मेरी पूरी पार्टी किसानों के साथ डटकर खड़े हैं।"
बैठक में शामिल प्रमुख चेहरे
इस चर्चा में सुखपाल सिंह खैरा (अखिल भारतीय किसान कांग्रेस), रंजीत सिंह संधू (GKS राजस्थान), अशोक बल्हारा (हरियाणा), पी.टी. जॉन (केरल), और गुरमनीत सिंह मांगट (किसान मजदूर मोर्चा) सहित पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कई कद्दावर किसान नेता मौजूद रहे।