Edited By Pardeep,Updated: 09 Jul, 2026 02:31 AM

पंजाब पुलिस ने होशियारपुर जिले के टांडा थाना के एसएचओ निरीक्षक गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की जांच से जुड़े एक संघीय आरोपपत्र (इंडिक्टमेंट) में उनका नाम सामने आने संबंधी...
इंटरनेशनल डेस्कः पंजाब पुलिस ने होशियारपुर जिले के टांडा थाना के एसएचओ निरीक्षक गुरिंदरजीत सिंह नागरा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की जांच से जुड़े एक संघीय आरोपपत्र (इंडिक्टमेंट) में उनका नाम सामने आने संबंधी मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्टों के बाद की गई है। साथ ही पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच (फैक्ट-फाइंडिंग इंक्वायरी) के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जालंधर रेंज के डीआईजी कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों का संज्ञान लिया गया है, जिनमें इंस्पेक्टर नागरा का नाम एफबीआई के‘ऑपरेशन हार्ड बॉल'के तहत चल रही कथित रंगदारी (एक्सटॉर्शन) जांच से जोड़ा गया है। बयान के अनुसार, तथ्यों के सत्यापन तक इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को टांडा थाने से हटाकर पुलिस लाइन, होशियारपुर भेज दिया गया है। डीआईजी ने मामले की औपचारिक तथ्यात्मक जांच के आदेश देते हुए इसकी जिम्मेदारी एसपी (जांच), जालंधर ग्रामीण को सौंपी है। जांच अधिकारी को सभी आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये गये हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आवश्यकता हुई तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई एक दिन बाद सामने आई, जब अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के यूएस अटॉर्नी कार्यालय ने‘ऑपरेशन हाडर् बॉल'के तहत भारत आधारित संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की घोषणा की थी। इस अभियान के दौरान अमेरिका, कनाडा और यूरोप में कई गिरफ्तारियां की गईं। लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फर्स्टअसिस्टेंट यूएस अटॉर्नी बिल एसायली ने बताया था कि एक संघीय ग्रैंड ज्यूरी के आरोपपत्र में 17 आरोपियों पर जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का सदस्य या सहयोगी होने का आरोप लगाया गया है।
आरोपपत्र के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया भारत की जेल से अपने कथित आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि भारत में पुलिस अधिकारी के रूप में कार्यरत गुरिंदरजीत सिंह ने लॉस एंजिलिस में रहने वाले कुछ लोगों और उनके परिजनों को पंजाब में झूठे हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे 4 लाख अमेरिकी डॉलर की कथित रंगदारी मांगने का प्रयास किया। अमेरिकी कानूनी व्यवस्था के अनुसार इंडिक्टमेंट (आरोपपत्र) केवल आरोपों का दस्तावेज होता है और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी होता है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि फिलहाल मामले की तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कारर्वाई की जाएगी।