'PM आवास के बाहर राहुल का धरना एक बचकानी राजनीति का नमूना', BJP बोली- देश को बांटकर सत्ता में आना चाहते हैं

Edited By Updated: 22 Jul, 2026 01:57 PM

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर अपने संवैधानिक पद से जुड़े विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस नेता देश को...

नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर अपने संवैधानिक पद से जुड़े विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और दावा किया कि कांग्रेस नेता देश को बांटकर सत्ता में आना चाहते हैं। भाजपा ने राहुल गांधी पर ''राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ मिलीभगत'' का भी आरोप लगाया और उनके प्रदर्शन को ''दिशाहीन'' तथा ''बचकानी राजनीति'' का उदाहरण बताया। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को 'नीट' परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था और प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग की थी। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार की ''राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ मिलीभगत'' है।

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उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''राहुल गांधी की विदेश यात्राओं की जांच होनी चाहिए। सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि उन्होंने विदेश में किन लोगों से मुलाकात की, वह इस्लामी देशों के किन अधिकारियों से मिले, भारत को तोड़ने का प्रयास करने वाले किन लोगों से मिले, किन चीनी अधिकारियों से मिले और क्या उन्हें सोरोस फाउंडेशन से धन मिल रहा है ?'' दुबे ने दावा किया कि मंगलवार के प्रदर्शन के कारण उनका बेटा परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचा। उन्होंने कहा, ''मेरा बेटा प्रदर्शन के कारण परीक्षा केंद्र देर से पहुंचा। क्या किसी नेता का बेटा होना अपराध है? क्या वह छात्र नहीं है? क्या वह परीक्षार्थी नहीं है?'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी मीडिया को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए देश को बांटना चाहते हैं। उन्होंने कहा ''राहुल गांधी आज वह करने के लिए प्रयासरत हैं जो उनकी दादी ने आपातकाल के दौरान किया था कि मीडिया को क्या कहना चाहिए और क्या प्रकाशित करना चाहिए। वह देश को बांट कर सत्ता में आना चाहते हैं।''

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भाजपा सांसद और पार्टी की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में मिले विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर उनका प्रदर्शन ''हताशा'', ''निराशा'' और ''बचकानी राजनीति'' को दर्शाता है। राठौड़ ने कहा, ''नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने उनका दुरुपयोग किया। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने का क्या औचित्य था? यह उनकी हताशा और निराशा की पराकाष्ठा है। यह दिशाहीन और बचकानी राजनीति है।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने अपना रुख बदल लिया।

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राठौड़ ने कहा, ''पहले उन्होंने कहा कि यदि संसद में चर्चा होगी तो प्रदर्शन समाप्त कर देंगे। जब सरकार चर्चा के लिए तैयार हो गई तो उन्होंने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। किसी के इस्तीफे की मांग करना कोई मजाक नहीं है। राहुल गांधी गंभीर नहीं हैं।'' उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता बुधवार दोपहर दो बजे से प्रदर्शन करेंगे और कांग्रेस नेतृत्व को ''सद्बुद्धि'' देने की प्रार्थना करेंगे। भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह 'नीट' प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है और 'नीट' की पुनर्परीक्षा निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से कराई गई। सिन्हा ने 'इंडिया' गठबंधन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन में एकजुटता का अभाव है और उसके घटक दल केवल अपने हितों की रक्षा के लिए साथ आए हैं। 

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