Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Jul, 2026 10:46 AM

बुधवार (22 जुलाई) को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। बीएसई सेंसेक्स 561.75 अंक यानी 0.73 फीसदी की गिरावट
मुंबईः सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और बैंकों के शेयर में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। बीएसई सेंसेक्स लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट में रहा और सेंसेक्स 561.75 अंक टूटकर 76,908.36 अंक पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 161 अंक फिसलकर 24,026.70 अंक पर रहा। दवा कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक टूट गया। इसकी वजह अमेरिका की ओर से संभावित आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने की आशंका मानी जा रही है।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर नुकसान में रहे। वहीं, टाइटन, इटर्नल, मारुति और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त में रहे।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.16 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट भी बढ़त में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट में कारोबार कर रहा है। अमेरिका के शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.06 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,650.16 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 0.31 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी 0.21 प्रतिशत फिसलकर बंद हुआ था।