गौ रक्षा के दावों के बीच जैसलमेर से डरावनी तस्वीर; डंपिंग यार्ड में मिलीं 500 से ज्यादा गायों की सड़ी हुई लाशें, प्रशासन में हड़कंप

Edited By Updated: 26 May, 2026 12:34 AM

rotten carcasses of over 500 cows found in dumping yard

राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक ऐसी दर्दनाक और रूह कपा देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने गौ संरक्षण के तमाम सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है।

नेशनल डेस्कः राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक ऐसी दर्दनाक और रूह कपा देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने गौ संरक्षण के तमाम सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है। शहर के नगर परिषद क्षेत्र स्थित कचरा डंपिंग यार्ड में पांच सौ से अधिक मृत गायों के सड़े हुए शव मिलने के बाद पूरे इलाके में भारी रोष और तनाव का माहौल है।

रामगढ़ रोड पर दिखा 'नरक' का मंजर
जानकारी के अनुसार, जैसलमेर मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर नगर परिषद का डंपिंग यार्ड बना हुआ है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में गायों के शव खुले में पड़े और सड़ते हुए दिखाई दिए। स्थानीय गो सेवकों ने दावा किया कि वहां का दृश्य इतना भयावह था कि खड़ा रहना भी मुश्किल था। उनका आरोप है कि लंबे समय से मृत पशुओं का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा था, जिससे यह स्थिति पैदा हुई।

ठेकेदार की लापरवाही या प्रशासनिक अनदेखी?
इस पूरे मामले में नगर परिषद के अधिकृत हड्डी ठेकेदार पर गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि मृत पशुओं के निस्तारण का काम ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन उसकी लापरवाही के चलते शवों का अंबार लग गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने इसे 'गौ माता' का अपमान बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट, ठेकेदार पर गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जैसलमेर जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने अधिकारियों से तुरंत तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। वहीं, नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन का दावा है कि अब डंपिंग यार्ड से शवों को हटाकर उनका निस्तारण कर दिया गया है।

नारों में 'गौ रक्षा', जमीन पर 'दुर्दशा'
इस घटना ने सरकार और समाज दोनों को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है। गो प्रेमी हुक्मदान और अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समाज में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, वहां केवल घोषणाओं और नारों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने मांग की है कि गौशालाओं में पर्याप्त चारा, पानी और समय पर इलाज जैसी जमीनी सुविधाओं को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटना दोबारा न हो।

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