सुशासन के 5 वर्ष : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात बना भारत का सेमीकंडक्टर हब

Edited By Updated: 12 Sep, 2026 01:09 PM

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13 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के सुशासन के पांच वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात का उभरना सबसे...

गांधीनगर : 13 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के सुशासन के पांच वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात का उभरना सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि है। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक विश्वसनीय भागीदार बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करने की दिशा में गुजरात आज भारत के अग्रणी सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है।

गुजरात में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 13.66 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश
राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 13.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आया है। भारत सरकार द्वारा मंजूर किए गए कुल 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट में से 6 प्रोजेक्ट गुजरात में हैं। यह आंकड़ा केवल निवेश की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, टेस्टिंग, पैकेजिंग, डिजाइन और अनुसंधान के क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती क्षमता का भी प्रमाण है।

साणंद से धोलेरा तक विकसित हो रहा संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
गुजरात में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र साणंद और धोलेरा बन रहे हैं। साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की DRAM और NAND मेमोरी चिप्स के लिए अत्याधुनिक एटीएमपी (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) सुविधा वाणिज्यिक रूप से कार्यरत है। इसके अलावा, साणंद में सीजी पावर, रेनेसां और स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की उन्नत आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधाएं तथा केन्स सेमीकॉन की हाई-एंड चिप पैकेजिंग आधारित ओएसएटी सुविधा भी वाणिज्यिक रूप से कार्यरत हैं। इस प्रकार, गुजरात में अब केवल चिप निर्माण ही नहीं, बल्कि चिप की असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग के लिए संपूर्ण क्षमता विकसित हो रही है।

धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा भारत की पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब का निर्माण किया जा रहा है। यहां 110 से 28 नैनोमीटर प्रोसेस नोड्स का उपयोग करते हुए CMOS (कॉम्प्लिमेंट्री मेटल-ऑक्साइड सेमीकंडक्टर-सीएमओएस) लॉजिक चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। धोलेरा में क्रिस्टल मैट्रिक्स द्वारा भारत की पहली वाणिज्यिक मिनी एवं माइक्रो एलईडी डिस्प्ले फैब्रिकेशन तथा पैकेजिंग यूनिट भी विकसित की जा रही है। इसके अलावा, सूरत में सुचि सेमीकॉन द्वारा छोटे पैमाने पर उत्पादन शुरू करते हुए पूर्ण पैमाने की ओएसएटी सुविधा की दिशा में विस्तार किया जा रहा है।

विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक-अनुकूल नीति
धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आवश्यक विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा रहा है। विशाल भूमि पार्सल, विश्वसनीय बिजली एवं जलापूर्ति, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं तथा बंदरगाहों, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी धोलेरा को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए आकर्षक स्थल बनाती है।

गुजरात सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए विशेष प्रोत्साहनों की भी घोषणा की है। केंद्र सरकार की कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) सहायता के अतिरिक्त 40 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी निवेश सहायता, FAB प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक प्रथम 200 एकड़ भूमि पर 75 फीसदी सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति तथा 10 वर्ष तक प्रति यूनिट 2 रुपए की पावर टैरिफ सब्सिडी जैसे प्रावधान राज्य की निवेशक-अनुकूल नीति को दर्शाते हैं।

सेमीकंडक्टर के साथ कौशल विकास और अनुसंधान को भी प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में केवल निवेश आकर्षित करने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि आवश्यक कौशल इकोसिस्टम के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया है। पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी (पीडीईयू) द्वारा माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सहयोग से एटीएमपी (असेंबली, टेस्ट, मार्किंग और पैकेजिंग) प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) में ChipIN एक्सटेंशन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है, जहां विद्यार्थियों को VLSI डिजाइन और चिप डिजाइन की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रशिक्षण मिलेगा।

धोलेरा आईटीआई में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए भारत का पहला अल्ट्रा हाई प्योरिटी (यूएचपी) वेल्डिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, गुजरात के सहयोग से आईआईटी-गांधीनगर में उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के लिए समर्थ केंद्र की स्थापना भी की गई है।

गुजरात की विकास यात्रा में एक नया तकनीकी अध्याय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ कदम मिलाते हुए गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में जो गति हासिल की है, वह मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के पांच वर्ष के कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है। एक समय सेमीकंडक्टर के लिए वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भर भारत आज इस क्षेत्र में उत्पादन क्षमता विकसित कर रहा है और इस परिवर्तन में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
 

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