रांची में छात्रों की सरकार से तीसरे राउंड की वार्ता, सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है मामला

Edited By Updated: 09 Aug, 2026 01:50 PM

students hold third round of talks with the government in ranchi

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच रविवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई।

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच रविवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई। रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधियों और 'JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच' के आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच चर्चा चली। बैठक में अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और परीक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।

14वीं सिविल सेवा को लेकर आंदोलन

अभ्यर्थी 2 जुलाई से JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में उठे सवालों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए और उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। आंदोलन के समर्थन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

छात्र सड़क पर कर रहे प्रदर्शन

अभ्यर्थी 2 जुलाई से JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में उठे सवालों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए और उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बातचीत आंदोलन कर रहे मुख्य छात्र समूह के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई।

सरकार के मंत्री के साथ बातचीत

झारखंड के मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय यादव छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के तीसरे दौर के लिए पहुंचे। शनिवार को भी स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हुई थी। पहले दौर की बातचीत के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने इसे सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा था कि पहली बैठक में सभी पक्षों के साथ पॉजिटिव माहौल में बातचीत हुई ।

शीर्ष कोर्ट में पहुंच चुका है केस

झारखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। परीक्षा प्रक्रिया में उठ रहे सवालों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरीशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में परीक्षा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, कथित अनियमितताओं की जांच CBI या स्वतंत्र समिति से कराने और विवादित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। याचिका में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग की गई है, ताकि परीक्षा से जुड़े आरोपों की समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके।

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