Edited By Sahil Kumar,Updated: 07 Jul, 2026 06:57 PM

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिससे सिर्फ ब्लड शुगर ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इससे शरीर के कई अंग प्रभावित होते है। अगर लंबे समय तक ब्लड शुगर को नियंत्रित न किया जाएं, तो नसों और रक्त संचार पर इसका प्रभाव दिखने लगता है। इसका सबसे ज्यादा असर पैरों पर दिखता...
नेशनल डेस्कः डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिससे सिर्फ ब्लड शुगर ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इससे शरीर के कई अंग प्रभावित होते है। अगर लंबे समय तक ब्लड शुगर को नियंत्रित न किया जाएं, तो नसों और रक्त संचार पर इसका प्रभाव दिखने लगता है। इसका सबसे ज्यादा असर पैरों पर दिखता है। डायबिटीज में पैरों पर कई बदलाव दिखते है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
डायबिटीज में पैरों पर दिखता है असर
डायबिटीज में पैरों पर कई बदलाव दिखते हैं। लगातार हाई ब्लड शुगर रहने से शरीर के कई अंगो पर इसका प्रभाव पड़ता है। धीरे-धीरे शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं। जिसको डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। जिससे पैरों तक पर्याप्त मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता और ऐसे में छोटे घाव भी जल्दी नहीं भरते है।
झुनझुनी महसूस होना
अगर आपके पैरों में झुनझुनी हो या स्पर्श का एहसास कम होने लगे, तो यह डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
पैरों में जलन या तेज दर्द
डायबिटीज होने पर कुछ लोगों को पैरों में जलन, चुभन और रात के समय तेज दर्द महसूस होता है।
घाव जल्दी ठीक नहीं होना
डायबिटीज में पैर पर लगी छोटी चोट या कट जल्दी ठीक नहीं होता। यह संक्रमण का कारण बन सकता है।
पैरों में सूजन
पैरों में सूजन, लालपन या गर्माहट महसूस होना ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी के संकेत हो सकता है।
पैरों में दर्द
अगर चलते समय पिंडलियों या पैरों में दर्द हो और आराम करने पर दर्द कम हो जाए, तो यह पैरों में रक्त प्रवाह कम होने का संकेत हो सकता है।
समय रहते करें जांच
विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को अपने पैरों की समय-समय पर जांच करवानी चाहिए। कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न होने से गंभीर संक्रमण बढ़ सकता है और अन्य समस्याएं हो सकती है।