Job Scam: मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी का झांसा देकर व्यक्ति से ठगे 70 लाख, 3 गिरफ्तार

Edited By Updated: 31 Jul, 2026 11:58 AM

thane 3 arrested for allegedly swindling 70 lakh from a man by promising a job

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार के राजस्व एवं वन विभाग में क्लर्क-टाइपिस्ट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 शातिर ठगों ने एक युवक से 70 लाख रुपये ऐंठ लिए।

ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार के राजस्व एवं वन विभाग में क्लर्क-टाइपिस्ट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 शातिर ठगों ने एक युवक से 70 लाख रुपये ऐंठ लिए। 

आरोपियों ने पीड़ित को फंसाने के लिए मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर, सरकारी मुहर और राष्ट्रीय प्रतीक वाले फर्जी लेटरहेड का इस्तेमाल किया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को धर दबोचा है।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरसिंह जाधव ने बताया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता दर्शन संतोष पाटिल को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर वाला नकली पत्र दिखाकर अपने जाल में फंसाया। इन दस्तावेजों पर राष्ट्रीय प्रतीक भी लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि पाटिल ने ऑनलाइन और बैंकिंग माध्यमों तथा नकद के जरिए आरोपियों को 70 लाख रुपये दिए थे। 

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इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान कार्ड दिया जिसमें उन्हें राजस्व एवं वन विभाग में 'क्लर्क-टाइपिस्ट' के पद पर नियुक्त दिखाया गया था। पुलिस के अनुसार ठगी का एहसास होने पर पाटिल ने शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर अपराध शाखा ने जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी शाम विठोबा खातकर (55), ठाणे निवासी जुगल कुमार लोदाया उर्फ लोधिया (39) और कल्याण (पूर्व) निवासी रवींद्र दयानिधि संखुआ (52) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई फर्जी सरकारी लेटरहेड, नकली रबर स्टैंप और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम वाली आधिकारिक मुहरें बरामद की हैं। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

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पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की फर्जी मुहर और लेटरहेड कैसे हासिल किए। जाधव ने कहा, हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपियों ने और लोगों को भी ठगा है।

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