Edited By Parveen Kumar,Updated: 31 Jul, 2026 06:35 PM

जम्मू कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFJK) 2026 के लिए फ़िल्म सबमिट करने की आखिरी तारीख 1 अगस्त, 2026 तक बढ़ा दी गई है। इससे फिल्म निर्माताओं को फेस्टिवल के पहले एडिशन में हिस्सा लेने के लिए अपनी एंट्री रजिस्टर करने का आखिरी मौका मिलेगा।...
नेशनल डेस्क : जम्मू कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFJK) 2026 के लिए फ़िल्म सबमिट करने की आखिरी तारीख 1 अगस्त, 2026 तक बढ़ा दी गई है। इससे फिल्म निर्माताओं को फेस्टिवल के पहले एडिशन में हिस्सा लेने के लिए अपनी एंट्री रजिस्टर करने का आखिरी मौका मिलेगा। DIPR (सूचना और जनसंपर्क विभाग) द्वारा आयोजित IFFJK 7 से 10 सितंबर, 2026 तक होगा।
इस फेस्टिवल का मकसद जम्मू और कश्मीर को सिनेमा, क्रिएटिविटी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के तौर पर स्थापित करना है, साथ ही दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं को अपना काम दिखाने के लिए एक प्रतिष्ठित मंच देना है।
फेस्टिवल को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसमें लगभग 50 देशों से 900 से ज़्यादा एंट्रीज मिली हैं। भारत और विदेशों के फ़िल्म निर्माताओं से मिले इस उत्साहपूर्ण रिस्पॉन्स से पता चलता है कि जम्मू और कश्मीर फ़िल्म निर्माण, सिनेमाई उत्कृष्टता और क्रिएटिव सहयोग के लिए एक उभरते हुए केंद्र के तौर पर लोगों का भरोसा जीत रहा है।
चार दिन के इस फेस्टिवल में चुनिंदा फ़िल्मों की स्क्रीनिंग, इंटरैक्टिव सेशन, मास्टर क्लास, पैनल डिस्कशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। यह फ़िल्म निर्माताओं, इंडस्ट्री के जानकारों, छात्रों और सिनेमा प्रेमियों को विचारों का आदान-प्रदान करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का मौका देगा।
फेस्टिवल का मकसद सिनेमा के ज़रिए जम्मू और कश्मीर की संस्कृति को बढ़ावा देना और साथ ही दुनिया भर की बेहतरीन फ़िल्मों को दिखाकर और उन्हें पहचान देकर कलात्मक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सिनेमाई इनोवेशन को बढ़ावा देना है।
DIPR सभी स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी पक्की करने के लिए कई तरह की गतिविधियां प्लान कर रहा है। गौरतलब है कि फेस्टिवल का कर्टेन-रेज़र समारोह 17 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें दुनिया भर के फ़िल्म निर्माताओं, कलाकारों, प्रोड्यूसर्स और सिनेमा प्रेमियों को इस अहम कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।