बेटी की मौत आत्महत्या नहीं साजिश है...बेबस पिता कड़ी धूप में CM हाउस के बाहर बैठा, कहा- इंसाफ न मिला तो खुद को जिंदा जला लूंगा

Edited By Updated: 18 May, 2026 08:30 AM

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है। रविवार को ट्विशा के परिवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास के बाहर प्रदर्शन किया और मामले...

Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है। रविवार को ट्विशा के परिवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास के बाहर प्रदर्शन किया और मामले में न्याय की मांग उठाई। परिवार का आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई है और सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

बता दें कि 31 साल की ट्विशा शर्मा, बिते मंगलवार को भोपाल में अपने घर पर संदिग्ध हालात में मृत पाई गई थीं, उनके परिवार ने रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। यह आरोप लगाते हुए कि यह एक सोची-समझी हत्या थी और अपराध को छिपाने के लिए सबूत मिटा दिए गए थे, परिवार ने इंसाफ की मांग की और AIIMS दिल्ली में दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाने की मांग की। ट्विशा के परिवार ने उनके पति और ससुराल वालों पर लंबे समय से मानसिक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांगें पूरी होने तक ट्विशा का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।

ट्विशा के पिता, नव निधि शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री के घर के सामने खुद को आग लगा लेंगे। उन्होंने कहा, "मैं यहीं CM के घर के सामने मर जाऊंगा। अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला तो मैं खुद को आग लगा लूंगा।" रविवार को, ट्विशा का परिवार चिलचिलाती धूप में कई घंटों तक CM के घर के बाहर डटा रहा और मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात करने की ज़िद करता रहा। पुलिस अधिकारियों और सीनियर अफसरों ने उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने मुख्यमंत्री से खुद आश्वासन मिले बिना वहां से जाने से मना कर दिया।

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कानून लोगों के साथ उनकी हैसियत के हिसाब से बर्ताव करता है
उन्होंने निराशा जताते हुए कहा, "आरोपी अग्रिम ज़मानत (anticipatory bail) पाने में कामयाब हो गए हैं। यह एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा जिसका इस्तेमाल वकील भविष्य में यह तर्क देने के लिए करेंगे कि इस तरह के अपराध के आरोपी को भी ज़मानत दी जा सकती है। उन्हें ट्रायल शुरू होने से पहले ही ज़मानत मिल गई है। जज का परिवार अपने रसूख का इस्तेमाल कर रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। कानून लोगों के साथ उनकी हैसियत के हिसाब से बर्ताव करता है।"

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा के ससुराल वाले जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, और मांग की कि उनकी बेटी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ठीक से सुरक्षित रखा जाए। नव निधि शर्मा ने आगे कहा, "हम मुख्यमंत्री से मिल नहीं पाए, क्योंकि वे एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने में व्यस्त थे। हालांकि, हमने उनके OSD से बात की, जिन्होंने माना कि पुलिस जांच में कुछ कमियां थीं। हमने यह भी गुज़ारिश की कि ट्विशा के शव को माइनस 4 डिग्री सेल्सियस पर सुरक्षित रखा जाए, क्योंकि अभी का तापमान 4-5 डिग्री है जिससे शव सड़ने लगेगा।"

उन्होंने दावा किया कि यह सब आरोपियों के इशारे पर हो रहा था। "अब हम फिर से कोर्ट जाएंगे और यह आदेश मांगेंगे कि शव को सुरक्षित रखने के लिए तापमान कम किया जाए।" ट्विशा के पिता शर्मा ने आगे कहा, "विडंबना यह है कि हमें उन्हीं लोगों से मदद मांगनी पड़ रही है जिनके खिलाफ हम लड़ रहे हैं।" ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए, उनकी मौत में किसी साजिश का आरोप लगाते हुए और चल रही जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए, परिवार ने दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने की भी मांग की है। परिवार का दावा है कि AIIMS भोपाल से मिली शुरुआती रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी।

नवनीधि शर्मा ने पुलिस जांच में गंभीर कमियों का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत के दो दिन बाद FIR दर्ज की गई थी और अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि परिवार का पुलिस द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पर से भरोसा उठ गया है और उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में की जाए। परिवार के अनुसार, ट्विशा के हाथों और कानों पर चोट के निशान थे, जिससे हत्या और सबूत मिटाने का शक पैदा होता है। परिवार ने आरोप लगाया कि कई सवालों के जवाब न मिलने के बावजूद इस मामले को आत्महत्या के तौर पर दिखाया जा रहा है।

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पुलिस ने बताया कि ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और सबूत मिटाने के आरोपों की जांच के लिए एक SIT बनाई गई है। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रजनीश कश्यप इस SIT जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सुनील दुबे ने बताया कि मुख्य आरोपी समर्थ सिंह फिलहाल फरार है और उसे गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस रिटायर्ड जज को मिली अंतरिम जमानत को चुनौती देगी और इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी। दुबे ने यह भी कहा कि अगर कोर्ट की प्रक्रियाओं के बावजूद परिवार शव लेने से इनकार करता रहा, तो अधिकारी कानूनी प्रावधानों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कर देंगे। मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं।

खबरों के अनुसार, उन्होंने 2024 में एक डेटिंग ऐप के ज़रिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से मुलाकात की थी और दिसंबर 2025 में उनसे शादी कर ली थी। उनके परिवार का दावा है कि वह भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थीं। रिश्तेदारों ने यह भी बताया कि अपनी मौत से कुछ देर पहले तक वह उनके संपर्क में थीं। ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। एक स्थानीय अदालत ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को पहले ही अग्रिम ज़मानत दे दी है, जबकि समर्थ सिंह की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई 18 मई को निर्धारित है।

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