Edited By Tanuja,Updated: 01 Jun, 2026 07:08 PM

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद जरूरी है। फ्रांस इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने को तैयार है। मैक्रों ने होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान...
International Desk: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि फ्रांस, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने बताया कि उनकी रविवार को डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था और स्थायी शांति स्थापित करने का एक "अनूठा अवसर" है। मैक्रों ने ट्रंप के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फ्रांस इन कूटनीतिक प्रयासों का पूर्ण समर्थन करेगा।
फ्रांस ने संकेत दिया है कि वह ब्रिटेन के साथ मिलकर एक बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन तैनात करने के लिए तैयार है। यह मिशन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz में समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। मैक्रों ने कहा कि प्रारंभिक समझौते के बाद वार्ता को आगे बढ़ाकर ईरान का परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता, समुद्री मार्गों की सुरक्षा मुद्दों को भी शामिल किया जाना चाहिए। फ्रांस ने इन विषयों पर अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है।
मैक्रों ने लेबनान (Lebanon) में मजबूत युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की उस प्रतिबद्धता का भी स्वागत किया जिसमें लेबनान की स्वतंत्रता और संप्रभुता का समर्थन किया गया है। मैक्रों ने बताया कि उन्होंने हाल के दिनों में सऊदी अरब, ओमान, यूएई और मिस्र से भी बातचीत की और सभी को यही संदेश दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द समझौता होना क्षेत्रीय शांति के लिए आवश्यक है।