Edited By Tanuja,Updated: 05 May, 2026 06:52 PM

भारतीय पत्रकार आनंद आरके और सुवर्णा शर्मा ने साइबर अपराध पर आधारित ‘ट्रैप्ड’ रिपोर्ट के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता। यह सम्मान उन्हें नताली ओबिको पियर्सन के साथ मिला। रिपोर्ट ने डिजिटल ठगी और निगरानी के बढ़ते खतरे को प्रभावशाली तरीके से उजागर किया।
International Desk: भारतीय पत्रकारिता ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी ताकत साबित की है। साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दे को उजागर करने वाली खोजी रिपोर्टिंग के लिए भारतीय पत्रकारों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान Pulitzer Prize से नवाजा गया है । भारतीय पत्रकार आनंद आर के ( Anand R.K. ) और Suvarna Sharma (सुवर्णा शर्मा) ने पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान Pulitzer Prize को जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह सम्मान उन्हें ब्लूमबर्ग की पत्रकार Natalie Obiko Pearson (नताली ओबिको पियर्सन) के साथ संयुक्त रूप से मिला।
इन पत्रकारों को यह पुरस्कार ‘ट्रैप्ड’ नाम की रिपोर्ट के लिए दिया गया, जिसमें भारत में बढ़ते साइबर अपराध और ठगी की गंभीर समस्या को उजागर किया गया है। इस रिपोर्ट में एक डॉक्टर की कहानी दिखाई गई है, जिन्हें ठगों ने “डिजिटल गिरफ्तारी” जैसी स्थिति में फंसा दिया था। इस रिपोर्ट ने तस्वीरों और शब्दों के प्रभावशाली संयोजन से लोगों को यह दिखाया कि डिजिटल ठगी किस तरह तेजी से फैल रही है।
Pulitzer Prize को दुनिया में पत्रकारिता का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। इसकी शुरुआत 1917 में Joseph Pulitzer की वसीयत के बाद हुई थी और इसका संचालन Columbia University करता है। यह सम्मान पत्रकारिता, साहित्य और संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के विजेताओं का चयन एक स्वतंत्र बोर्ड द्वारा किया जाता है और विजेताओं को प्रमाणपत्र के साथ लगभग 15,000 डॉलर की राशि भी दी जाती है। भारतीयों में सबसे पहले गोबिंद बिहारी लाल को 1937 में यह सम्मान मिला था। इसके बाद झुम्पा लाहिड़ी, सिद्धार्थ मुखर्जी और दानिश सिद्दीकी जैसे नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो चुके हैं।